पहले दिन 123 सेंटरों में से सिर्फ एक में हुई 40 क्विंटल धान की हुई खरीदी - गोंडवाना एक्सप्रेस
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पहले दिन 123 सेंटरों में से सिर्फ एक में हुई 40 क्विंटल धान की हुई खरीदी

रायगढ़ (एजेंसी) | गुरुवार से जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो गई है। जिले के 79 समितियों के 123 में से मात्र बरमकेला ब्लॉक के लोधिया समिति में ही 40 क्विंटल 80 किलो धान की खरीदी हुई। धान में खरीदी के लिए सरकार ने 17 प्रतिशत नमी तय की है। किसानों के धान में औसत साढ़े 15 प्रतिशत के करीब नमी मिली। इससे किसानों ने राहत की सांस ली, वहीं सूख को लेकर खतरा भी कम हुआ।




अभी फसल कटाई कई इलाकों में शुरू नहीं हो सकी है, वहीं खलिहान तैयार नहीं होने से किसान धान की कटाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में इस बार खरीदी का पहला दिन औपचारिक साबित हुआ। कम बारिश की वजह से धान की बोनी देर से हुई इसलिए केंद्रों में धान भी देर से पहुंचेगा। बोहनी के तौर पर बरमकेला ब्लॉक के लोधिया समिति में ही 40 क्विंटल 80 किलो की खरीदी पहले दिन हुई। इसके अलावा जिले के अन्य किसी भी खरीदी केंद्रों में धान की आवक नहीं हुई। 31 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया चलेगी। जिले में इस बार 2 लाख 22 हजार हेक्टेयर में धान की खेती किसान कर रहे हैं। शुरूआत में अच्छी बारिश होने से बोनी व रोपाई के लक्ष्य पूरे हो चुके हैं,लेकिन अंतिम में कम बारिश का असर इस बार धान की खरीदी में दिखने को मिलेगा।

इधर, जिला प्रशासन ने धान खरीदी की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण करने जा रहे हैं, लेकिन जानकारों के मुताबिक औपचारिक शुरुआत ही होगी क्योंकि धान में आने में अभी समय है। अर्ली वेरायटी के धान की कटाई भी शुरू हो गई है। जिले के सभी इलाकों में ऐसा नहीं है। खेतों में नमी होने और कोठार नहीं बनने की वजह से किसान अभी कटाई नहीं कर रहे हैं। वहीं लेट वेरायटी को कटने में अभी 10 से 15 दिन लगेंगे।
पहले दिन अधिकतर धान खरीदी केंद्रों में आवक नहीं होने से ऐसी ही रही स्थिति।

36 सौ 4 नए किसानों ने कराया पंजीयन

चुनावी वर्ष में वोटरों को लुभाने के लिए इस बार केंद्र सरकार ने धान के समर्थन मूल्य पर 2 सौ रुपए की बढ़ोतरी की है तो वहीं राज्य की भाजपा सरकार इस बार खरीदी के साथ ही प्रति क्विंटल 3 सौ रुपए बोनस दे रही है। इसके चलते इस बार जिले के 36 सौ 4 नए किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। नए किसानों के पंजीयन करवाने के बाद 3 हजार 194 हेक्टेयर रकबा बढ़ा है। बीते साल जिले में 78 हजार 944 किसानों ने पंजीयन कराया था। इस साल 82 हजार 548 किसान हो गए है।



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