टेरर फंडिंग से जुड़ सकता 5 करोड़ के नकली नोट मामला, एनआईए ने मांगी रिपोर्ट, जाँच में होगा खुलासा

रायपुर (एजेंसी) | राजधानी में 5 करोड़ के नकली नोट मामले में टेरर फंडिंग के शक ने पुलिस को चौंका दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी(NIA)ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। आरोपी पति पत्नी की हिस्ट्री के साथ उनका फोटो और जब्त नोटों का सैंपल व सीरियल नंबर मांगा है। एनआईए को ये भी शक है कि कहीं इन नोटों का उपयोग प्रतिबंधित संगठनों द्वारा देश की अर्थ व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए तो नहीं किया जा रहा था। आमतौर पर नकली नोट विदेशों से यहां भेजे जाते हैं। ये नोट यहीं छापे गए या विदेशों से सप्लाई किए गए हैं। नोटों के सैंपल की जांच से ऐसे कई सवालों के जवाब मिलेंगे।

नोटों के सैंपल को एनआईए जांच के लिए लैब भेजेगी। वहां उसके कागज की गुणवत्ता और केमिकल का पता चलेगा। पुलिस ने भी बुधवार को नोटों का सैंपल जांच के लिए रिजर्व बैंक के नागपुर कार्यालय भेजने की तैयारी कर रही है। नकली नोटों के संबंध में आरबीआई के माध्यम से ही रिपोर्ट दी जाएगी। एनआईए नोटों की जांच से ये पता लगाएगी कि ये टेरर फंडिंग के लिए तो नहीं थी या बाजार में नकली नोट खपाना मकसद तो नहीं था। डीएसपी कृष्णा पटेल ने बताया कि एनआईए ने मंगलवा को नकली नोटों की जानकारी मांगी है। अफसरों ने नोटों की साइज से लेकर कलर के बारे में पूछा है।

नकली नोटों के केस में एनआईए की नजर

पुलिस अफसरों ने बताया कि एनआईए आतंकी गतिविधियों पर नजर रखती है। जहां बड़ी मात्रा में विस्फोटक या नोट या अन्य सामान जब्त होता है। उस मामले की एनआईए रिपोर्ट मंगाती है। यहां भी बड़ी मात्रा में नकली नोट जब्त हुई है, इस वजह से एनआईए ने रिपोर्ट मांगी है। आतंकवादी नकली नोटों को उपयोग करते हैं। इस वजह से भी एनआईए ने मामले को गंभीरता से लिया है।




जमानत खारिज, हाई कोर्ट में लगा दी अर्जी

निखिल और पूनम की जमानत के लिए रायपुर कोर्ट में उनके परिजनों ने अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने उनका जमानत आवेदन खारिज कर दिया। आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी लगा दी। दोनों आरोपी रायपुर जेल में बंद है। पुलिस उनके सहयोगियों की तलाश कर रही है, जिन्होंने उनकी नोट छापने में मदद की है। पुलिस को उनका फुटेज भी मिल गया है। उसमें चार लोग दिखाई दे रहे है। इसमें एक बिहार का युवक है। चारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

ऑन लाइन खरीदी में किया फ्राड, मैसेज हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर कुछ लोग पूनम को लेकर लगातार पोस्ट कर रहे हैं। इसमें उसकी कुछ सहेलियां भी हैं। सोशल मीडिया में चल रहा है कि पूनम ने फेसबुक पर खुशी के नाम से अकाउंट बनाया है और इसी नाम से सोशल मीडिया में सक्रिय है। कुछ सहेलियों के नाम से ऑनलाइन शॉपिंग करने और पैसे नहीं देने की बातें भी आ रही हैं। सोशल मीडिया में जो मैसेज वायरल हो रहा है, उसके मुताबिक उसने ऑन लाइन शॉपिंग में बड़ा फ्राड किया है।

अगले साल होनी थी शादी

पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि निखिल और पूनम ने भले ही कोर्ट मैरिज कर ली है, लेकिन अगले साल विधिवत रीति रिवाज से जनवरी में वे शादी करने वाले थे। दोनों के परिवार वाले पहले राजी नहीं थे, इसलिए उन्होंने कोर्ट मैरिज की थी। उसके बाद से दोनों साथ रहते थे। परिवार वाले अब जाकर राजी हुए इस वजह से दोनों की विधिवत शादी होने वाली थी।

एक ही प्रोफेशन से जुड़े

पुलिस को पता चला है कि दोनों शादी से पहले मार्केटिंग फील्ड से जुड़े हुए थे। अलग-अलग कंपनी में मार्केटिंग काम करते थे। इसी बीच निखिल दिल्ली चला गया। वहां से लौटने के बाद उसने एक बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र की फ्रेंचाइजी ले ली। उसकी आड़ में वह ठगी करने लगा।

चारसौबीसी का केस भी

पुलिस ने दोनों को अभी नकली नोट के मामले में गिरफ्तार किया है। नकली नोट दिखाकर धोखाधड़ी की बातें भी सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि ठगी के शिकार लोग सामने आएंगे तो उनकी रिपोर्ट पर एफआईआर होगी।



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