आशीष कर्मा को डिप्टी कलेक्टर बनाए जाने पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने - गोंडवाना एक्सप्रेस
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आशीष कर्मा को डिप्टी कलेक्टर बनाए जाने पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

रायपुर (एजेंसी) | पूर्व मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रहे स्व. महेन्द्र कर्मा के पुत्र आशीष कर्मा को डिप्टी कलेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के सरकार के फैसले के बाद सियासत तेज हो गई है। एक तरफ पूर्व आईएएस अधिकारी और भाजपा नेता ओपी चौधरी ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाया है तो दूसरी तरफ कांग्रेस महामंत्री शैलेष नितिन त्रिवेदी ने भाजपा पर पलटवार किया है।

कर्मा परिवार की दावेदारी रोकने लिया फैसला: ओ. पी. चौधरी

ओपी चौधरी ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया में एक पोस्ट किया है। हालांकि, इस पोस्ट को उन्होंने व्यक्तिगत राय बताया है लेकिन बातें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर की गई है। उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव में कर्मा परिवार को टिकट नहीं देना चाहती। उनकी दावेदारी रोकने के लिए परिवार के सदस्य को डिप्टी कलेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देकर तुष्टिकरण का कदम उठाया है।

उन्होंने इस फैसले को उन युवाओं के साथ अन्याय बताया है जो सालों से पीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर महेन्द्र कर्मा जीवित होते तो वे अपने बेटे को काबिलियत के आधार पर ही डिप्टी कलेक्टर बनाना चाहते न कि राजनीतिक तुष्टीकरण से। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा है कि सिर्फ शहीद कर्मा के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति देकर झीरम कांड में शहीद हुए अन्य लोगों के साथ क्या कांग्रेस सरकार ने अन्याय नहीं किया है।

भाजपा का चरित्र शहादत का अपमान: कांग्रेस महामंत्री शैलेश नितिनत्रिवेदी

भाजपा नेता ओपी चौधरी की आपत्ति पर कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा ने पहले भी शहीदों के अपमान करने की अपनी प्रवृत्ति बार-बार उजागर की है। शहादत का सम्मान करना भारतीय जनता पार्टी के चरित्र में ही नहीं है। उन्होंने कहा कि 2013 में झीरम के शहीदों के परिवारजनों को रमन सिंह सरकार ने चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव भेजकर शहादत का जो अपमान किया था उसे शहीदों के परिवारजन अभी भूले नहीं है।

माओवादियों से मुठभेड़ के बाद शहीद सीआरपीएफ के जवानों के शव दंतेवाड़ा में भाजपा की सरकार के कार्यकाल में कचरा गाड़ी में ढोए गए थे और शहीदों का फिर अपमान किया गया था। असल में ओपी चौधरी ने नियुक्ति पर सवाल खड़ा कर भाजपा के वास्तविक चरित्र और सोच को ही आगे बढ़ाया है। भाजपा का चरित्र ही शहादत विरोधी है। कांग्रेस की सरकार शहादत का मर्म जानती है। हमने आतंकवाद, नक्सलवाद के कारण अपने नेताओं को खोया है।

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