व्यक्ति विशेष: भूपेश बघेल, 5वीं पास करते ही पिता ने थमा दी थी किसानी

रायपुर (एजेंसी) | राज्य के नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को इंडोर स्टेडियम में शपथ ली। इनके साथ टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू ने भी मंत्री पद की शपथ ली। बघेल दुर्ग जिले से दूसरे और दुर्ग संभाग से तीसरे मुख्यमंत्री हैं। इससे पहले 13 मार्च 1985 से 13 फरवरी 1988 और 25 जनवरी 1989 से 8 दिसंबर 1989 तक मोतीलाल वोरा अविभाजित मप्र की कमान संभाल चुके हैं।

सीएम बनने के घोषणा के बाद देर रात अपने भिलाई स्थित आवास पर पहुंचे बघेल

रायपुर में मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान होने के बाद बघेल राजभावन जाकर विधायक दल का समर्थन और सरकार बनाने का दावा करने के बाद पहुंना गेस्ट हाउस पहुंचे। जब तक सीएम आवास खाली नहीं होगा नए सीएम पहुना में ही रहेंगे। यहां से देर रात वे अपने भिलाई-3 स्थित आवास पहुंचे जहां लोगों ने गर्मजोशी से अपने नए सीएम का स्वागत किया। उन्होंने सभी को संबोधित किया और आभार जताया।

पत्नी बोली- जो चाहते हैं उसे पाने के लिए बेहद जिद्दी






मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने कहा कि इस घोषणा की तीन दिन से प्रतीक्षा थी। आज जैसे ही बिट्‌टू (उनके बेटे चैतन्य बघेल) ने बताया कि पापा मुख्यमंत्री बन गए हैं तो इस लंबे इंतजार को विराम लगा। लेकिन अभी मेरे पास इस क्षण को महसूस करने और उसे व्यक्त करने के लिए कोई शब्द नहीं हैं। इतना कहते ही उनकी आंखें भर आईं और शब्द रुंध गए।

भाई ने कहा- आपस में कभी राजनीति की बातें नहीं होती

भूपेश बघेल के सबसे छोटे भाई हितेश अब भी बेलौदी में रहकर खेती-बाड़ी का काम देखते हैं। उन्होंने बताया उम्र में काफी बड़े होने की वजह से कभी भी ज्यादा बातचीत उनके बीच नहीं होती। इतने साल में कभी भी दोनों में किसी प्रकार की राजनीतिक बातें नहीं हुई। दो दिन पहले हितेश ने भूपेश को फोन लगाकर पूछा था कि कौन बन रहा है सीएम? तब भूपेश ने जवाब दे दिया था।

चुनाव प्रचार के दौरान में खेती के कामों ने कई बार खींचा

भूपेश बघेल जब अपने विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे तब कई बार किसानों के बीच जाने पर किसानी के कामों ने उन्हें अट्रैक्ट किया। एक बार तो किसानों से बात करते-करते वे धान की मिजाई करने लगे थे। ये फोटो काफी वायरल हुई थी।

इन दो कमरों में गुजरा नए सीएम बघेल का बचपन

 

ग्राम बलोदी में छोटो भाई हितेश ने वो मकान दिखाते हुए बताया कि यहां दो कमरों में भूपेश बघेल का बचपन गुजरा था। यहां से पहले वे 30 किमी दूर मूल गांव कुरुदडीह में रहते थे। यहां कोई स्कूल नहीं होने से बलोदी गांव में पढ़ाई करने के लिए आ गए।

आज तक संभाल कर रखी है अपनी पहली कार मारुति-800

भूपेश बघेल के पुश्तैनी गांव कुरुदडीह में आज भी उनकी पहली कार मारुति-800 घर के बारामदे में खड़ी है। इस कार से बघेल को इतना लगाव है कि इसे आजतक संभालकर रखी है। इसे बेचते नहीं हैं।

घर पहुंचते ही सीएम बेटे की मां ने उतारी आरती और मिठाई खिला दिया आशीर्वाद

नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शांति नगर स्थित निवास में माता-पिता से मुलाकात की। उन्होंने अपने माता-पिता का पैर छूकर प्रदेश की सेवा करने का आशीर्वाद लिया। पिता नंद कुमार बघेल और माता बिंदेश्वरी बघेल ने आरती उतारकर स्वागत किया और मिठाई खिलाई।

फैमिली में जश्न का माहौल, हर चेहरे पर खुशी

भूपेश बघेल के घर में जश्न का माहौल है। उनके चेहरे पर काफी खुशी है। घर में रिश्तेदार भी पहुंचे हैं।



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