सीपीआई नेता धुरवा कलुम की नक्सलियों ने लाठी-डंडों से पीट-पीट कर हत्या की, मनीष कुंजाम ने कवासी पर लगाए हत्या के आरोप

सुकमा (एजेंसी) | नक्सलियों ने चुनाव प्रचार के लिए गए जनपद सदस्य और पूर्व सरपंच धुरवा कलूम की बुधवार देर शाम लाठी-डंडों से पीट-पीट कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि सीपीआई नेता को नक्सली गांव से करीब 500 मीटर दूर उठाकर ले गए और 30 मिनट से ज्यादा पीटते रहे। जब सीपीआई नेता ने दम तोड़ दिया तो उसके शव को ट्रैक्टर से भिजवाया गया।

पुलिस ने जिला अस्पताल में पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया है। वही सीपीआई प्रत्याशी मनीष कुंजाम ने कांग्रेस विधायक कवासी लखमा पर धुरवा की हत्या का आरोप लगाकर पुरे घटनाक्रम को राजनैतिक हत्याकांड करार दिया है।




जानकारी के मुताबिक,  जनपद सदस्य सीपीई नेता धुरवा कलमू बुधवार शाम को चुनाव प्रचार के लिए अपने तीन साथियों के साथ फूलबगड़ी थाना क्षेत्र के बोडको ग्राम में गए थे। मीटिंग करने के लिए वह अंदर इत्तापारा तक चले गए। यहां उन्होंने गांव वालों को बुलाने के लिए कहा।

बताते हैं कि वह बैठकर ग्रामीणों का इंतजार कर ही रहे थे, तभी नक्सलियों ने उन्हें घेर लिया। नक्सली धुरवा कलमू को अपने साथ ले गए। वहां पर उनसे कहा कि किसका प्रचार करने के लिए आए हो। अगर वह जीत जाएगा तो हमारे लिए क्या करेगा। चुनाव नहीं होना है, इसके बाद भी क्यों आए।

इसके बाद लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच एक लाठी उनकी गर्दन के पास लगी और वो वहीं पर गिर गए। इसके बाद भी नक्सली उनको पीटते रहे। इस दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद उनके शव को ट्रैक्टर से वापस भिजवा दिया गया। दीपावली के दिन हुई इस हत्या के बाद ग्रामीण इलाकों में सन्नाटा पसर गया है। लोगों में दहशत का माहौल है।

दो माह पहले भाई की भी कर दी थी हत्या

नक्सलियों ने करीब दो माह पहले धुरवा कलुम के भाई की भी हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि दोनों भाई पहले से नक्सलियों के निशाने पर थे। नक्सलियों के डर से धुरवा कलुम का भाई भागकर आंध्र प्रदेश चला गया था। वहां से लौटा तो नक्सलियों ने उसे मार दिया। दोनों भाइयों के ऊपर नक्सलियों को मुखबिरी करने का संदेह था।

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मनीष कुंजाम ने कवासी पर लगाए हत्या के आरोप

वही सीपाआई नेता कलमु धुरवा हत्याकांड में आज एक नया मोड़ आया है। सीपीआई प्रत्याशी मनीष कुंजाम ने कांग्रेस विधायक कवासी लखमा पर धुरवा की हत्या का आरोप लगाया है। कुंजाम ने धुरवा की मौत को राजनीतिक षड़यंत्र बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है।

विधानसभा चुनाव का कर रहे है बहिष्कार

प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 12 नवंबर को होना है। इसको लेकर  माओवादी संगठनों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने और जनप्रतिनिधों को क्षेत्र में सभाएं नहीं करने का फरमान जारी कर रखा है। नक्सली विरोध स्वरूप जगह-जगह बैनर और पोस्टर लगा रहे हैं। साथ ही लोगों को भी मतदान नहीं करने के लिए धमका रहे हैं।

बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

घटना के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है। जवान लगातार सर्चिंग कर रहे हैं। साथ ही क्षेत्र में जवानों की संख्या में भी इजाफा किया गया है। जवान लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि वो जरूर मतदान करें। उनकी सुरक्षा के लिए वो तैनात हैं।



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