मुस्कान ने जीता नेशनल योग कम्पटीशन लेकिन आर्थिक तंगी के कारण चाइना में होने वाले इंटरनेशनल भाग नहीं ले पाएगी - गोंडवाना एक्सप्रेस
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मुस्कान ने जीता नेशनल योग कम्पटीशन लेकिन आर्थिक तंगी के कारण चाइना में होने वाले इंटरनेशनल भाग नहीं ले पाएगी

रायपुर (एजेंसी) | ये कहानी है अपनी उम्र से ज्यादा गोल्ड मेडल जीतने वाली 11 साल की मुस्कान वर्मा की। मुंबई में आयोजित नेशनल योग स्पोर्ट्स कॉम्पिटीशन की विनर रहीं मुस्कान का दिसंबर में चीन में होने वाली वर्ल्ड योग चैंपियनशिप के लिए सलेक्शन हुआ है। फाइनेंशियल प्रॉब्लम के चलते मुस्कान का चैंपियनशिप में पार्टिसिपेट करना मुश्किल लग रहा है। मुस्कान ने बताया कि चीन जाने-आने और वहां ठहरने का खर्चा लगभग एक लाख रुपए है। पापा की फाइनेंशियल कंडिशन ठीक नहीं होने के कारण चीन में अपने देश को रिप्रजेंट करने का सपना शायद ही पूरा कर सकूं।




महज 5 साल की उम्र से योग कर रही मुस्कान स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल कॉम्पिटीशन में अब तक 15 से ज्यादा गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। मुस्कान के पिता विनोद कुमार वर्मा प्राइवेट जॉब करते हैं। मम्मी रश्मि वर्मा हाउस वाइफ हैं। छोटा भाई सौम्य वर्मा भी डिस्ट्रिक्ट और इंटर स्कूल योग कॉम्पिटीशन में विनर रह चुका है। मुस्कान, ट्रेनर नामेश साहू से योग की ट्रेनिंग ले रही हैं।

हर रोज डेढ़ घंटे करती हैं योग की प्रैक्टिस

मुस्कान बेहद कठिन माने जाने वाले योग स्टेप भी आसानी से कर लेती हैं। मुस्कान ने बताया- मैं डेली डेढ़ से दो घंटे योग की प्रैक्टिस करती हूं। कोच नामेश सर मुझे योग के कई टास्क देते हैं। घर आकर भी प्रैक्टिस करती हूं। मुस्कान शीर्षासन, ओंकार आसन, हैंड बैलेंसिंग, लेग बैलेंसिंग, बैक बेंडिंग, फाॅरवर्ड बेंडिंग, एडवांस योग जैसे योग स्टेप करने में भी माहिर हैं।

देशभर से सिर्फ 12 का सलेक्शन

चीन की राजधानी बीजिंग में 1 और 2 दिसंबर को वर्ल्ड योगा चैंपियनशिप होगी। इसमें इंडिया से जूनियर और सीनियर कैटेगिरी में 12 खिलाड़ियों का सलेक्शन हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ से मुस्कान इकलौती खिलाड़ी हैं, जो इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पार्टिसिपेट करेंगी। फाइनेंशिल कंडिशन ठीक न होने के कारण मुस्कान का चीन जाना अधर में है। इस संबंध में स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि योगा स्पोर्ट्स में शामिल ही नहीं है इसलिए हम कोई मदद नहीं कर सकते। वहीं, योग आयोग का कहना है कि आयोग ऐसे कॉम्पिटीशन में खिलाड़ियों को फंडिंग नहीं करता है।

पीटी करते वक्त फ्लेक्सिबिलिटी देखकर कोच ने शुरू की ट्रेनिंग

कोच और पीटीआई टीचर नामेश कुमार साहू ने बताया कि मुस्कान को मैंने पहली बार तब देखा जब वह पीटी क्लास में अपने दोस्तों के साथ पीटी कर रही थी। मुस्कान का पीटी करने का तरीका दूसरों से अलग था। उसमें गजब की फ्लैक्सिबिलिटी है। इसके बाद मैंने उसे योग ट्रेनिंग देना शुरू किया। इस दौरान उनके पैरेंट्स से भी अच्छा सपोर्ट मिला। मुस्कान कड़ी मेहनत और डेडिकेशन के कारण लगातार सफलता हासिल कर रही है।



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