Chhattisgarh

मानसून की पहली झमाझम बारिश: काेरिया जिले लगातार बारिश से हसदेव नदी का पानी हाइवे पर आया, एनएच-43 पर लगा जाम

कोरिया | मानसून की दस्तक के साथ कई जिलों में झमाझम का दौर जारी है। पहली बरसात ने लोगों को गर्मी से निजात दिलाई है, वहीं सरकारी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। कोरिया जिले में मंगलवार को हसदेव नदी का पानी पुल पर आने के कारण एनएच-43 जाम हो गया है। करीब दो घंटे से वाहन फंसे हुए हैं।

हसदेव नदी पुल के पास बनाया डैम, परेशानी का कारण बना

मनेंद्रगढ़ समेत पूरे जिले में सोमवार से लगातार बारिश का दौर जारी है। ऐसे में हसदेव नदी का पानी भी उफान पर है। नदी पर ग्राम पंचायत लाई में कटनी-गुमला हाईवे (एनएच-43) पर पुल बना हुआ है। इसी से 200 मीटर की दूरी पर जल आवर्धन योजना के तहत तीन साल पहले डैम बना दिया गया। डैम बनने से गेट बंद है। जिसके चलते बारिश होने पर नदी का पानी पुल पर आ जाता है। मंगलवार को भी पानी आने से पुल के दोनों ओर जाम लगा हुआ है। कई लोग खतरे में जान डालकर पुल पार भी कर रहे हैं।

नदी पर करीब एक साल पहले नया पुल बनाया गया। यह अभी तक शुरू नहीं हो सका है। पुल बनने के बाद भी वन विभाग ने हाइवे के निर्माण के लिए अनुमति नहीं दी। सालभर फाइल लटकने के बाद अब अनुमति मिली है।

एक साल पहले नया पुल बना, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुआ

डैम के चलते दिक्कत होने से नदी पर करीब एक साल पहले नया पुल बनाया गया। यह अभी तक शुरू नहीं हो सका है। पुल बनने के बाद भी वन विभाग ने हाइवे के निर्माण के लिए अनुमति नहीं दी। सालभर फाइल लटकने के बाद अब अनुमति मिली है, जिसके बाद काम शुरू हो सका है। हालांकि, सड़क मार्ग बनने में समय लगेगा। ऐसे में अभी तक पुराने पुल से ही काम चलाया जा रहा है। इसके कारण बारिश होने और पहाड़ियों से पानी का फ्लो बढ़ने से नदी का जल स्तर बढ़ जाता है। इससे पुराने पुल पर पानी आ जाता है।

छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। सरगुजा संभाग और उसके आसपास के जिलों में अधिक वर्षा, मध्य भाग और दक्षिण में कम वर्षा होने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा व गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। एक द्रोणिका उत्तर पश्चिम राजस्थान से गंगेटिक पश्चिम बंगाल पूर्व राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश और झारखंड होते हुए 0.9 किमी ऊंचाई तक स्थित है।

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