Chhattisgarh

छत्तीसगढ़: टिड्डियों का दल पंहुचा बालाघाट, हवा का बहाव पूर्व दिशा की ओर रहा तो कवर्धा में प्रवेश कर सकती हैं

कवर्धा | छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से करीब 211 किमी दूर बालाघाट जिले के खैरलांजी में करीब एक करोड़ से अधिक टिडि्डयों का दल पहुंच गया है। यह क्षेत्र राज्य के बाॅर्डर से जुड़ा है। कबीरधाम जिले के जंगल रेंगाखार थाने के बाद बालाघाट जिला शुरू हो जाता है। बालाघाट में टिड्डियों का दल पहुंचने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।

इनके छत्तीसगढ़ में प्रवेश की दिशा हवा का रुख तय करेगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व दिशा की ओर हवा रही तो कवर्धा जिले में प्रवेश तय है। अगर उत्तर दिशा में रही तो टिडि्डयां पंडरिया की ओर जाएंगी। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के ग्राम चिचोली में उद्यानिकी के फसल काे नुकसान पहुंचाया है।

नेवारी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. बीपी त्रिपाठी ने बताया कि पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार को टिडि्डयों का दल सहसपुर लोहारा के ग्राम बिरोड़ा पहुंचने वाला था। हवा का रुख उत्तर की ओर होने के कारण मध्यप्रदेश के बालाघाट-मंडला जिले की ओर यह दल प्रवेश कर चुका है।

ये दल महाराष्ट्र के सिंगरोली, नागपुर, तुमरस होते हुए बालाघाट पहुंचा है। इस संबंध में बालाघाट और मंडला जिले के कृषि विभाग के अफसरों से लगातार संपर्क में है। वैसे टिडि्डयों का दल हवा के रुख के आधार पर सफर कर रहा है। माना जा रहा है कि पूर्व दिशा की ओर हवा रही तो टिडि्डयां कवर्धा, सहसपुर लोहारा, बोड़ला ब्लॉक में प्रवेश कर सकती हैं।

बालाघाट जिले में गुरुवार को सुबह 8 बजे प्रवेश किया

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में गुरुवार सुबह करीब 8 बजे महाराष्ट्र की ओर से आए टिड्डी दल ने प्रवेश किया है। वहां के उपसंचालक कृषि सीआर गौर ने बताया कि टिड्डी दल बालाघाट जिले की खैरलांजी तहसील के ग्राम चिचोली में प्रवेश कर गया है। महाराष्ट्र के तुमसर से यह बालाघाट आया है। टिड्डी दल को थाली बजाकर और सायरन के शोर से भगाने का प्रयास किया जा रहा है। टिड्डी दल महाराष्ट्र के भंडारा जिले की तुमसर तहसील में डेरा डाले हुए था। बालाघाट के कृषि अधिकारियों का दल निगरानी के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के लिए रवाना हो गया है।

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