Chhattisgarh

कौशल विकास योजना: स्किल डेवलपमेंट के 13 नए कोर्स होंगे शुरू

भिलाई | छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में इस बार स्किल डेवलपमेंट वाले 13 कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। कोर्स शुरू करने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को हुनरमंद बनाना है। इसकी सहायता से वह रोजगार के अवसर का फायदा उठा सकेंगे या फिर स्वरोजगार के अवसर भी पैदा कर सकेंगे।

इसी उद्देश्य से इन कोर्स के लिए 8 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। 9 जुलाई से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू होंगी। इसकी कक्षाएं भी ऑनलाइन ही लगेंगी। प्रत्येक विषय के लिए 30-30 सीटें तय की गई हैं। इस ऑनलाइन क्लास के लिए विवि ने पूरी तैयारी कर ली है।

मान्यता प्राप्त संस्थानों के छात्र उठा सकेंगे लाभ

सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड इनफॉर्मल एजुकेशन के तहत मान्यता प्राप्त संस्थानों के सभी विषयों के छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकेंगे। उनके लिए यह प्रशिक्षण के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए विषयवार अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। कितने की घंटे की कक्षाएं होंगी इसका भी उल्लेख किया गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए तकनीकी विवि की वेबसाइट www.csvtu.ac.in में संपर्क किया जा सकता है।

इन 13 विषयों में दी जाएगी छात्रों को ट्रेनिंग

  • वोकेशनल ट्रेनिंग के अंतर्गत ऑटो कैड (2डी एंड 3़डी),
  • ट्रेनिंग ऑन जीआईएस सॉफ्टवेयर,
  • सर्किट डिजाइन एंड एसपीआईसीई सिम्युलेशन,
  • इंबेडेट सिस्टम विद आर्डुनो,
  • आरईवीआईटी, एंड्रॉयड ट्रेनिंग,
  • पीसी हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग,
  • डिजिटल डिजाइन यूसिंग जाइ लिंक्स आईएसई 14.3,
  • इंट्रोडक्शन टू सी लैब फॉर एप्लीकेशन इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, वेब डेवलपमेंट (नेट प्लेटफार्मिंग),
  • ऑपरेशन रिसर्च, एमएस ऑफिस और प्रोग्रामिंग इन सी के कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।

3500 से 5000 रुपए तक है कोर्स के शुल्क

इन कोर्स को करने के लिए छात्रों के लिए विषयवार शुल्क तय की गई है। इसके अंतर्गत न्यूनतम शुल्क इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) एप्लीकेशन का 3500 रुपए और अधिकतम स्टैड प्रोग्राम का 5000 रुपए तय किया गया है। 4500 रुपए शुल्क एडवांस सर्विंग यूजिंग (डीजीपीएस) का रखा गया है। इसके अलावा शुरू किए जा रहे स्किल डेवलपमेंट के अधिकांश कोर्स के शुल्क 4 हजार रुपए रखे गए हैं। स्किल डेवलपमेंट करने में युवाओं को अधिक सुविधा होगी।

क्षेत्रीय भाषा में भी सकती है क्लेट, प्रस्ताव भी तैयार

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने क्षेत्रीय भाषा में भी क्लेट की परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य है कि अंग्रेजी में कम पकड़ वाले छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ मिल सके। बीसीआई की मानना है कि अंग्रेजी भाषा के ज्ञान का अभाव किसी के बौद्धिक क्षमता, ज्ञान, योग्यता, कुशाग्रता, समर्पण और आईक्यू का पैमाना नहीं हो सकता। अंग्रेजी में कमजोरी की वजह से कोई योग्य उम्मीदवार क्लेट से वंचित न हो जाए। इसके लिए समिति बनाई जाएगी।

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