झीरम कांड: सीएम बघेल को एनआईए ने नहीं दी फाइल, अब कोर्ट जाकर हासिल करेंगे, झीरम घटना सुपारी किलिंग थी

जगदलपुर (एजेंसी) | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, झीरम कांड नक्सली हमला नहीं था यह कांग्रेस के नेताओं को खत्म करने के लिए सुपारी किलिंग थी। अगर यह सुपारी किलिंग नहीं थी तो भारत सरकार के अधीन रहने वाली एनआईए मामले की फाइल छत्तीसगढ़ की एसआईटी को क्यों नहीं दे रही है। भारत सरकार के दबाव में एनआईए ने झीरम घाटी की फाइल देने से इंकार कर दिया है लेकिन इससे हमारी जांच में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

एनआईए ने जिनको गवाह बनाया, उनके बयान तक नहीं लिए

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की 16 फरवरी को होने वाली सभा की तैयारियों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को लोहाड़ीगड़ा के धुरागांव पहुंचे थे। दोपहर तीन बजे के करीब सरकारी हेलिकाप्टर में भूपेश बघेल, मंत्री कवासी लखमा और विधायक दीपक बैज यहां आए।




मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, झीरम हमला छत्तीसगढ़ में हुआ। इसकी जांच हमें करनी है। हमारे मामले की फाइल देने में एनआईए आनाकानी कर रही है। उन्होंने कहा कि एनआईए केंद्र सरकार के दबाव में है। दबाव का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एनआईए ने जिन लोगों को गवाह बनाया है उनके बयान तक नहीं लिए और चार्जशीट पेश कर दी गई।

उन्होंने कहा कि एनआईए मामले की फाइल नहीं लौटा रही है ऐसे में अब हम न्यायालय का साहारा लेंगे। कोर्ट के जरिए हम मामले की फाइल वापस लेंगे उन्होंने कहा कि झीरम घाटी हमले के दौरान नक्सली एक-एक नेता का नाम लेकर उन्हें ढूंढकर मार रहे थे जबकि सामान्यता नक्सली ऐसा नहीं करते हैं। यह नक्सली घटना नहीं सुपारी किलिंग थी।

राहुल गाँधी द्वारा किसानों को जमीन वापस दी जाएगी 

लोहांडीगुड़ा के धुरागांव जहां टाटा स्टील प्लांट लगने वाला था वहीं से इस प्लांट के लिए किसानों की जो जमीन ली गई थी उसे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वापस करेंगे। सीएम भूपेश बघेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है जहां पांच साल के अंदर उद्योग नहीं लगने पर उद्योग के लिए गई जमीन किसानों को वापस दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी किसानों को जमीन वापस करेंगे। वहीं ऋण माफी वाले पत्र भी किसानों को बाटेंगे। जमीनों का पट्‌टा वितरण भी करेंगें। इसके अलावा कोंडागांव में मक्का प्रोसेसिंग यूनिट का भूमिपूजन करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे लेकिन ये उद्योग वनोपज आधारित हो।

साथ ही उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण करेगी तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टाटा ने खुद ही बस्तर को टाटा किया था। यदि कोई उद्योग लगाना चाहता है तो सरकार उसे हर संभव मदद करेगी।

नक्सलियों ने सीएम को सजा देने के पर्चे फेंके, भूपेश बोले- नई रणनीति बना रहे

बीजापुर व कुछ अन्य इलाकों में नक्सलियों ने सीएम भूपेश को सजा देने की घोषणा वाले पर्चें फेंके हैं। इसमें कहा गया है कि सीएम भूपेश भी भाजपा सरकार की तर्ज पर काम कर रहे हैं। जब सीएम भूपेश से इस संबंध में प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने कहा कि गोली का जवाब गोली से देकर किसी भी समस्या का हल नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि नक्सल मोर्चे और नक्सलियों से निपटने के लिए उनकी सरकार एक अलग प्लान लांच करेगी। उन्होंने अपने उस बयान को भी दोहराया जिसमें उन्होंने कहा था कि नक्सलवाद की समस्या का समाधान स्थानीय लोगों, नक्सली पीड़ितों, पत्रकारों से चर्चा करने के बाद ही लिया जाएगा।



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