अनंतनाग पहुंचे एनएसए डोभाल, पैदल घूमकर लोगों से पूछा, 'कोई तकलीफ तो नहीं?' - गोंडवाना एक्सप्रेस
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अनंतनाग पहुंचे एनएसए डोभाल, पैदल घूमकर लोगों से पूछा, ‘कोई तकलीफ तो नहीं?’

श्रीनगर (एजेंसी) | जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है। पांच दिन बाद शनिवार को जम्मू और घाटी के कुछ हिस्सों में स्कूल-कॉलेज खुले। सोमवार को ईद से पहले एटीएम पर लंबी कतारें नजर आईं और बाजारों भीड़ रही। उधर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने अनंतनाग के बाजार पहुंचे और ईद के लिए बेची जा रही भेड़ों के बारे जानकारी ली। लोगों से उनकी तकलीफों के बारे में पूछा।

बच्चों से पूछा- क्या स्कूल बंद होने से खुश थे? जम्मू नगरपालिका सीमा के सभी इलाकों से धारा 144 हटा ली गई है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में निषेधज्ञा के तहत कड़ी सुरक्षा लागू है। कुछ स्थानों पर ढील जरूर दी गई है।

मस्जिदों में भी जुमे की नमाज अदा की गई

प्रशासन ने शुक्रवार को सुबह 11 से शाम 5 बजे तक बाजार खोलने के निर्देश दिए थे। कल मस्जिदों में भी जुमे की नमाज अदा की गई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी कश्मीरी को परेशानी न हो।

ईद के लिए सभी जिलों में टीमें तैनात

प्रशासन ने कहा- ईद के लिए जरूरी समान मुहैया कराया जाएगा। सभी जिलों में टीमों की तैनाती की गई है। लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ख्याल रखा जाएगा। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी कहा था कि कश्मीर में ईद शानदार तरीके से मनाई जाएगी। यहां हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं।

श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोके गए नेता

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी शुक्रवार को श्रीनगर पहुंचे, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें हवाई अड्डे पर ही रोक लिया। येचुरी यहां अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात के लिए पहुंचे थे। गुरुवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को भी रोक लिया गया था। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर भी मौजूद थे।

सोमवार को हटाया गया था अनुच्छेद 370

5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। इसके कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अधिसूचना जारी कर दी। जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी।

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