ख़ुफ़िया जानकारी: दो महीनों में तेज हो सकते हैं सुरक्षा बलों पर नक्सलियों के हमले - गोंडवाना एक्सप्रेस
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ख़ुफ़िया जानकारी: दो महीनों में तेज हो सकते हैं सुरक्षा बलों पर नक्सलियों के हमले

जगदलपुर (एजेंसी) | नक्सलियों का टीसीओसी (टैक्टिकल काउंटर अफेंसिव कैंपेन) शुरू हो गया है। इसके साथ ही अब इलाके में सुरक्षा बलों पर नक्सलियों की ओर से हमले तेज होने की आंशका बनी हुई है। टीसीओसी के दौरान नक्सली अक्रामक रूख अपनाते हुए बड़े हमले को अंजाम देते हैं। ताड़मेटला, बुर्कापाल जैसे बड़े हमले नक्सलियों ने टीसीओसी के दौरान ही अंजाम दिए थे।

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार पहले नक्सली मार्च में टीसीओसी की शुरूआत करते थे लेकिन पिछले दो साल से नक्सलियों ने टीसीओसी शुरू करने के समय में बदलाव किया है और जनवरी-फरवरी में ही नक्सली टीसीओसी शुरू कर रहे हैं। इस बार भी नक्सलियों ने टीसीओसी शुरू कर दिया है। अभी तक नक्सली बड़ी वारदात नहीं कर पाए हैं।

इधर टीसीओसी और लोकसभा चुनाव एक ही समय पर पड़ने से सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ सकती है। चुनाव के दौरान नक्सली अक्सर बड़ी वारदातों को अंजाम देते हैं और टीसीओसी होने के चलते यह हमला और भी बड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों की टीसीओसी जून तक चलेगा। बारिश के दौरान टीसीओसी में नक्सलियों ने जो नए सदस्य जोड़े होंगे उन्हें संगठन के संबंध में जानकारी देंगे।

हर डीवीजन को अलग-अलग टारगेट दिए गए

इधर टीसीओसी के दौरान इस बार नक्सलियों ने अपने हर डिवीजन को अलग-अलग टारगेट दिए हैं। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार डिवीजन वाइस हमले, नए लड़कों की भर्ती, हथियार का जखीरा बढ़ाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। इस बार सभी डिवीजन अलग-अलग स्तर पर अपने टारगेट पूरा करेंगी।

टीसीओसी शुरू… चार साल बाद नक्सलियों ने हाईवे पर दिखाई हलचल, 3 बड़े नक्सली हमले हाईवे पर हो चुके

इसके अलावा इस बार की टीसीओसी में नक्सलियों ने बड़ा बदलावा किया है। टीसीओसी के दौरान तीन बड़े नक्सली हमले हाईवे पर हो चुके हैं और अपनी तगड़ी मौजूदगी का एहसास करवाया है जबकि पिछले चार सालों से नक्सली सुकमा इलाके के हाईवे छोड़ किसी अन्य हाईवे पर नहीं आते थे लेकिन इस बार सबसे पहले गोलापल्ली एलओएस का कमांडर प्रकाश इंजरम मार्ग पर आया। इसके बाद बास्तानार घाटी पर नक्सलियों ने पर्चे फेंके इसी बीच बीजापुर वाले इलाके में भी नक्सली सड़कों पर मौजूदगी का अहसास करवा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार टीसीओसी के दौरान नक्सलियों के निशाने पर प्रमुख सड़कें रहेंगी।

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