आचार संहिता से पहले 75 मिनट में 6 प्रोजेक्ट का फीता काटा, 20 करोड़ की 3 सड़कों का भूमिपूजन, 5 मिनट बाकी थेे तो शहीद स्मारक टला - गोंडवाना एक्सप्रेस
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आचार संहिता से पहले 75 मिनट में 6 प्रोजेक्ट का फीता काटा, 20 करोड़ की 3 सड़कों का भूमिपूजन, 5 मिनट बाकी थेे तो शहीद स्मारक टला

रायपुर (एजेंसी) | चुनाव की आचार संहिता लगने के पहले शनिवार को शहर में अधूरे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज का उदघाटन तो कर दिया गया, लेकिन पूरी तरह से तैयार ऑक्सीजोन, जंगल सफारी के जू और ट्रैफिक मैनेजमेंट के नए सिस्टम का शुभारंभ नहीं किया जा सका। अाचार संहिता लगने के संकेत के बाद केवल 75 मिनट में शहर के 6 बड़े प्रोजेक्ट का फीता काटा गया, जबकि गोंदवारा ब्रिज की छत नहीं बनी है। मोहबाबाजार ब्रिज की एक ओर की ही रोड तैयार है। इसके बावजूद उदघाटन में देरी नहीं की गई।

वही जगदलपुर शहर में लंबे समय से अटकी तीन महत्वपूर्ण सड़कों का भूमिपूजन शनिवार को आनन-फानन में अंतत: कर दिया गया, जो 20 करोड़ में बनेंगी। नेताओं और अफसरों ने भूमिपूजन की औपचारिकता पूरी कर दी। इसके बाद भी इन सड़कों का काम शुरू हो पाएगा इस पर संशय बना हुआ है।




सुबह करीब 11 बजे दिल्ली में चुनाव आयोग के प्रेस कांफ्रेंस की सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूडी महकमे में अफरा-तफरी मच गई। सभी प्रोजेक्ट के एसडीओ व सब-इंजीनियरों को लोकार्पण की तैयारी करने का निर्देश ईएनसी डीके प्रधान ने सबको मोबाइल पर दिया। मुख्य अभियंताओं को तुरंत ही इसकी मॉनीटरिंग करने कहा गया। 10 मिनट में मैसेज को वायरल किया गया और अधिकतम आधे घंटे में प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति बताने  कहा गया। जैसे-जैसे अफसर उच्च अधिकारियों को अपने प्रोजेक्ट की स्थिति बताते गए, वैसे-वैसे लोकार्पण करना फाइनल किया गया। पीडब्ल्यूडी मंत्री को सभी रिपोर्ट दोपहर 12 बजे तक दे दी गई। इससे पहले बीजेपी के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को विभिन्न प्रोजेक्ट स्थल पर ढोल-नगारे व फूलों से स्वागत करने व पटाखे जलाने की जिम्मेदारी दी गई।

एक घंटे के भीतर सभी प्रोजेक्ट के उदघाटन की तैयारी कर पीडब्लूडी मंत्री राजेश मूणत, विधायक सुंदरानी और राजीव अग्रवाल अफसरों के साथ उदघाटन करने निकल पड़े। 75 मिनट के भीतर सभी सुविधाओं का आनन-फानन उदघाटन किया गया। दोपहर बाद 3 बजे से आचार संहिता लगना लगभग तय हो चुका था। इस वजह से कहीं कोई जनसभा नहीं हुई। पाैने तीन बजे हिंद स्पोर्टिंग मैदान का भूमिपूजन किया गया। उसके बाद केवल 15 मिनट बाकी थे। अंत में शहीद स्मारक भवन का रिनोवेशन के बाद उदघाटन करना था। उसे टाल दिया गया। राजेंद्रनगर अंडरब्रिज के शुभारंभ के मौके पर कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी मौजूद थे।

इन 6 प्रोजेक्ट्स का किया गया लोकार्पण

अाचार संहिता लगने के संकेत के बाद केवल 75 मिनट में शहर के 6 बड़े प्रोजेक्ट का फीता काटा गया, जबकि गोंदवारा ब्रिज की छत नहीं बनी है। मोहबाबाजार ब्रिज की एक ओर की ही रोड तैयार है। इसके बावजूद उदघाटन में देरी नहीं की गई। ईदगाहभाठा के हिंद स्पोर्टिंग मैदान बनाने का भूमिपूजन भी आनन-फानन में कर दिया गया, जबकि अभी तक ये तय नहीं है कि इसे कौन सी एजेंसी बनाएगी। हालांकि, इन सभी प्रोजेक्ट का उदघाटन 7 और 9 को सीएम खुद करने वाले थे, लेकिन शनिवार को सुबह 11 बजे आचार संहिता लगने की सुगबुगाहट शुरू हुई। उसके बाद अफरातफरी मच गई।

सुविधाओं की स्थिति

1. मोहबाबाजार रेलवे ब्रिज (एक तरफ से ही ट्रैफिक हुआ शुरू)
2. गोंदवारा अंडरब्रिज (एक तरफ छज्जा ही नहीं लगा) और गोंदवारा-गुढ़ियारी फोरलेन (सुविधा शुरू)
3. रामनगर-कोटा फोरलेन (सुविधा शुरू) जबकि आमानाका-रामनगर रोड (कई हिस्से में रंगरोगन बाकी)
4. राजेंद्र नगर चौक अंडरपास (सुविधा शुरू)
5. तेलघानीनाका ओवरब्रिज और अंडरब्रिज (भूमि पूजन के साथ निर्माण शुरू)
6. हिंद स्पोर्टिंग ग्राउंड में स्टेडियम (निर्माण एजेंसी तय नहीं)

इन प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण नहीं हो सका

1. कलेक्टोरेट परिसर के पीछे ऑक्सीजोन का लोकार्पण 

कलेक्टोरेट परिसर के पीछे ईएसी कॉलोनी की 18 एकड़ जमीन पर बने रहे ऑक्सीजोन के पहले चरण का काम लगभग पूरा हो गया है। प्रशासन और वन विभाग के अफसरों ने 8 अक्टूबर को इसे शुरू करने की तैयारी कर ली थी। सांसद रमेश बैस ने निरीक्षण के बाद इसे शुरू करने की मंजूरी दे दी थी। उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री से समय भी मांग लिया गया था। अब यह तय नहीं है कि ऑक्सीजोन कब शुरू किया जाएगा।

3. ट्रैफिक सिग्नल्स और कैमरे लगाने के प्रोजेक्ट का शुभारंभ 

157 करोड़ रुपए की लागत से शहर में तैयार हो रहे ट्रैफिक सिग्नल्स और कैमरे लगाने के प्रोजेक्ट का शुभारंभ 2 अक्टूबर को  मुख्यमंत्री करने वाले थे। समय की कमी के कारण उसे टाल दिया गया। नई तारीख 7 अक्टूबर तय की गई थी। उसी के अनुसार तैयारी की जा रही थी। पहले फेज के तहत छह चौराहों पर हाईटेक कैमरे लगाने का काम पूरा हो चुका है। कालीबाड़ी में ट्रैफिक थाने के पास ही इसका कंट्रोल रूप भी तैयार है।

4. जंगल सफारी के पास आकार ले चुके जू का उदघाटन

जंगल सफारी के पास आकार ले चुके जू का उदघाटन का 8 को हाेना तय किया गया था। इसके लिए पिछले एक हफ्ते से रात-रात को काम कराया जा रहा था। सड़क बनाने के साथ-साथ पिंजरों में जानवरों की शिफ्टिंग तक कर दी गई थी। केवल उदघाटन का इंतजार था।

5. शहीद स्मारक भवन का रिनोवेशन के बाद उदघाटन करना था। उसे टाल दिया गया।

वही जगदलपुर में 3 सड़को का भूमिपूजन कर दिया गया

इनमें से 18 करोड़ 86 लाख रुपए की लागत से बनने वाली दो महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण लोक निर्माण विभाग करवा रहा है जबकि एक सड़क बनाने की जवाबदारी नगरपालिक निगम पर है। इन सभी के टेंडर तीन महीने पहले ही हो चुका था। अफसरों ने दबी जुबान से यह स्वीकार किया कि सड़क निर्माण से पहले इसका जनप्रतिनिधियों द्वारा भूमिपूजन किया जाना है, जिसके लिए उन पर दबाव है। चुनावी साल होने से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इसका श्रेय लेना चाहते हैं। सड़क के भूमिपूजन के दौरान शनिवार को दोनों ही राजनीतिक दलों के लोग जुटे और किसी तरह काम शुरू करने की स्वीकृति दे दी।

1. संभागायुक्त कार्यालय के पास से तिरंगा चौक और वहां से हुंडई शोरूम तक दो चरण में बनने वाली सड़क का पुर्निर्माण करने के लिए दोपहर 2 बजे महापौर समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने भूमिपूजन कर काम की शुरूआत कर दी

2. इसी तरह कोतवाली चौक से मेन रोड होते हुए दलपतसागर के निकट विद्युत यांत्रिकी विभाग तक और जिला एवं सत्र न्यायालय के समीप से होते हुए बोधघाट थाना तक बनने वाली सड़क का भूमिपूजन विधायक, निगम अध्यक्ष एवं निगम के एमआईसी सदस्य की मौजूदगी में दोपहर 2 बजे के आसपास किया गया।

इन दोनों भूमिपूजन के दौरान गिनती के लोग ही जुट सके थे। इतना ही नहीं अन्य जनप्रतिनिधियों तक को भी इसकी खबर नहीं हो पाई थी। नेताओं और अफसरों ने भूमिपूजन की औपचारिकता पूरी कर दी। इसके बाद भी इन सड़कों का काम शुरू हो पाएगा इस पर संशय बना हुआ है।



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