आइडिया-वोडाफोन का विलय पूरा, 38 फीसदी मार्केट शेयर के साथ बनी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

नई दिल्ली (एजेंसी) | आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया के बीच विलय पूरा होने के साथ देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी अस्तित्व में आ गई है। नई कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लिमिटेड होगा। 44.33 करोड़ ग्राहक संख्या के साथ इसकी 38.67% बाजार हिस्सेदारी होगी। इस विलय के साथ भारती एयरटेल पहले से दूसरे नंबर पर खिसक गई है। इसके 34.45 करोड़ ग्राहक हैं और 30.5% की बाजार हिस्सेदारी है। वहीं, 21.52 करोड़ ग्राहकों के साथ रिलायंस जियो तीसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसकी 18.78% बाजार हिस्सेदारी है।




आइडिया और वोडाफोन 1.6 लाख करोड़ रुपए के इस विलय के सौदे से अपने खर्चों में 14,000 करोड़ रुपए की कटौती कर पाएंगी। साथ ही घरेलू बाजार में रिलायंस जियो से मिल रही प्रतिस्पर्धा का सामना भी अच्छी तरह कर पाएंगी। इस सौदे में वोडाफोन इंडिया की वैल्यू 82,800 करोड़ रुपए और आइडिया सेल्युलर की 72,200 करोड़ रुपए आंकी गई है। नई कंपनी में 45.1% हिस्सेदारी वोडाफोन की होगी। वहीं आदित्य बिड़ला ग्रुप जिसके पास आइडिया सेल्यूलर का स्वामित्व था, वह नई कंपनी में 4.9% हिस्सेदारी खरीदने के लिए 3,900 करोड़ रु. नकद चुकाएगा। इसके बाद नई कंपनी में आदित्य बिड़ला ग्रुप की 26% हिस्सेदारी होगी।

कुमारमंगलम बिड़ला होंगे चेयरमैन

आइडिया के चेयरमैन कुमारमंगलम बिड़ला नई कंपनी में चेयरमैन होंगे। इसके बोर्ड में 12 सदस्य होंगे। वोडाफोन के पास कंपनी में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) नियुक्त करने का अधिकार है और दोनों कंपनियों ने बालेश शर्मा को नई कंपनी का सीईओ चुना है। हिमांशु कपानिया आइडिया सेल्युलर के एमडी का पद छोड़ देंगे। नई कंपनी में उनकी हैसियत बोर्ड में नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर की होगी।

ग्राहकों को मिल सकते हैं नए ऑफर

जानकारों के मुताबिक इस विलय से टेलीकॉम उद्योग में एक बार फिर प्राइसिंग पावर लौटेगी। ग्राहकों को टेलीकॉम सेवाओं मे नए ऑफर्स का फायदा मिल सकता है। वहीं, टेलीकॉम सेक्टर में एक बार फिर प्राइसिंग पावर लौटेगी। इससे पिछले कुछ वर्षों से रेवेन्यू और प्रॉफिट पर दबाव का सामना कर रही इस इंडस्ट्री को रिकवरी करने में मदद मिलेगी।



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