godhan-yojna-online-payment-04-aug-2020
Chhattisgarh

गरियाबंद : गोधन न्याय योजना बनी अतिरिक्त आय का जरिया, जिले में 6 हजार 137 क्विंटल गोबर की खरीदी

राज्य शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना से दोहरा लाभ अर्जित किया जा रहा है। एक तरफ पशुपालक गोबर बेचकर आय अर्जित कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर महिला समूहों को भी फायदा पहुंच रहा है। सुराजी ग्राम योजना अंतर्गत नरूवा,गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना से बने आदर्श गौठानों में पहले से ही गोबर इकठ्ठा कर वर्मी कम्पोस्ट बनाया जा रहा था, जिसे गोधन न्याय योजना से और अधिक मजबूती और गति मिल गई है।

फिंगेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बोरसी के राजीव लोचन स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा वर्मी कम्पोस्ट पूर्व से ही बनाया जा रहा है। इसे गोधन न्याय योजना से और गति मिल गई है। अब आसानी से गोबर उपलब्ध होने के कारण ज्यादा मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट बनाने में सहायता मिली है। यह सुखद है कि वर्मी कम्पोस्ट को उद्यानिकी एवं वन विभाग द्वारा 8.50 रूपये प्रतिकिलो ग्राम की दर से खरीदा भी जा रहा है। इससे महिलाओं को अतिरिक्त लाभ हुआ है।

इस दौरान फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम बोरसी, जेंजरा, रोहिना, सुरसाबांधा, भेंड्री की बिहान की महिला ग्राम संगठनों द्वारा 125 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट विक्रय किया जा चुका है। कोरोना काल में भी महिला समूहो को रोजगार के साधन मिल गये है। वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण से जैविक खेती को बढ़ावा तो मिलेगा ही साथ ही महिला समूहो को भी अतिरिक्त आमदनी का जरिया मिल गया है।

ज्ञात है कि गोधन न्याय योजना अंतर्गत गरियाबंद जिले के 100 गौठानों में पशुपालकों से 17 अगस्त तक कुल 6 हजार एक सौ 37 क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। 100 गौठानो की समितियों को 62 लाख 10 हजार 114 रूपये भुगतान हेतु गौठान समिति के खातों में जारी भी कर दिया गया है। जिसका अंतरण पशुपालकों के खाते में किया जा रहा है। अभी तक 3 लाख 81 हजार 433 रूपये  का भुगतान पशुपालकों के खाते में किया जा चुका है। जबकि शेष का भुगतान प्रक्रिया जारी है। ज्ञात है कि योजना अंतर्गत गोबर खरीदी के लिए जिले के 140 गौठानों को पंजीकृत किया गया है। जिसमें से 100 गौठानों में सुचारू रूप से खरीदी हो रही है।

Leave a Reply