तमिलनाडु में गाजा तूफान से 23 लोगों की मौत, 81 हजार राहत शिविरों में; राजनाथ सिंह ने की सीएम पलानीस्वामी से चर्चा - गोंडवाना एक्सप्रेस
gondwana express logo

तमिलनाडु में गाजा तूफान से 23 लोगों की मौत, 81 हजार राहत शिविरों में; राजनाथ सिंह ने की सीएम पलानीस्वामी से चर्चा

चेन्नई (एजेंसी) | चक्रवाती तूफान गाजा गुरुवार देर रात तमिलनाडु के नागपट्टनम और वेदरन्नियम तट से टकराया। इस दौरान तूफानी हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा रही। गाजा के असर से कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। मुख्यमंत्री पलानीसामी ने बताया कि हादसों में 23 लोगों की मौत हुई है।




आपदा प्रबंधन विभाग ने 81 हजार लोगों को तटीय इलाकों से हटाकर 471 राहत शिविरों में भेजा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार शाम तक तूफान के कमजोर पड़ने का अनुमान जताया है।

गाजा तूफान ने तमिलनाडु (Cyclone Gaja in Tamil Nadu) में भारी तबाही मचाई है। गुरुवार देर रात यह नागपट्टिनम जिले में तट से टकराया। इसके बाद यहां 100 से 120 किलोमीटर की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। न्यूज एजेंसी ने मृतकों की संख्या 23 बताई है। जबकि सीएम पलानीस्वामी ने कहा कि तूफान सेे 11 लोगों की मौत हुई और कई घायल हैं। मृतकों के परिवार को 10 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख जबकि मामूली रूप से जख्मी हुए लोगों को 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। इस बीच, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी पलानीस्वामी से बातचीत की और उन्हें केंद्र की तरफ से पूरी मदद का भरोसा दिलाया।

तूफान से पहले बारिश
मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में गाजा तूफान का असर ज्यादा रह सकता है। तमिलनाडु के कुडलोर और पामबन जिलों में भारी से बहुत भारी हो सकती है। करीब 30 हजार राहत कर्मियों को किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रखा गया। प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के बीच बातचीत के बाद कुछ दूसरे उपाय भी किए गए। पुड्डुचेरी और कराईकल में सभी शिक्षण संस्थान गुरुवार को बंद रखे गए।

फिशिंग पर सख्ती से रोक

पिछले महीने आए तितली तूफान के दौरान केरल के 6 मछुआरे समुद्र में फंस गए थे। बाद में इन्हें कोस्ट गार्ड ने एक स्पेशल ऑपरेशन के बाद सही सलामत निकाल लिया था। इस घटना से सबक लेते हुए मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और आंध्र प्रदेश में 14 और 15 नवंबर को किसी भी मछुआरे के समुद्र में जाने पर सख्ती से रोक लगा दी थी। कोस्ट गार्ड की स्पेशल टीमों ने भी समुद्र की हर हलचल पर नजर रखी।

कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप

तेज हवाओं और बारिश की वजह से बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। तटीय इलाकों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने मदद के लिए एनडीआरएफ की नौ टीमें प्रभावित इलाके में तैनात की हैं। गुरुवार-शुक्रवार को एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई।

कोड्डालुरु समेत कई शहरों में भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु के तटीय शहरों- कोड्डालुरु, नागपट्टनम, थोंडी, पंबान और पुड्डुचेरी के कराईकल में सुबह तक आठ सेंटीमीटर तक बारिश हुई। तूतिकोरिन और रामनाथपुरम में भी भारी बारिश हो रही है। तिरुवरूर जिले के कई शहरों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। नागपट्टनम और कराईकल जिले में भी सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ।

मृतकों के परिजन को 10-10 लाख की मदद

पड्डुकोट्टाई जिले में एक मकान ढहने से चार युवकों की मौत हो गई, तीन महिलाएं जख्मी हुईं। तंजावुर में 10 और तिरुवरूर में 4, पुडुकोट्टाई में तीन, त्रिची में दो ,नागापट्टनम, कुड्डालोर और तिरूवानामलाई में एक-एक लोगों की जान गई। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवार को 10-10 लाख की मदद देने का ऐलान किया। तूफान से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।

14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ा चक्रवात

मौसम विभाग ने गुरुवार को कहा था कि गाजा चक्रवात 14 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ा। तमिलनाडु, दक्षिणी आंध्र और पुड्डुचेरी तट पर ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई। तमिलनाडु में एनडीआरएफ की नौ और पुड्डुचेरी में दो टीमें तैनात है। इसके अलावा 31 हजार बचाव कर्मियों और एसडीआरएफ को भी स्टैंडबाई पर रखा है, ताकि आपात स्थिति में उनकी मदद ली जा सके।

परीक्षाएं रद्द, स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए

अन्ना यूनिवर्सिटी ने अपनी सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। वहीं, टेक्निकल डिप्लोमा कोर्स की परीक्षाओं की तारीख 24 नवंबर तक बढ़ाई गई है। राज्य के तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टनम, रामनाथपुरम, पड्डुकोट्टाई और पुड्डुचेरी के कराईकल जिले में स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए।



Leave a Reply