प्रेमिका का मर्डर कर बना साधू, 5 साल बाद हनुमान दास महाराज के नाम से कर रहा था भागवत कथा, वहीं पुलिस ने दबोचा

दुर्ग-भिलाई (एजेंसी) | पांच साल पहले लिव इन रिलेशन में रहने वाली प्रेमिका की हत्या करने वाले युवक को संत बनकर कथा बांचते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस समय वह संत हनुमान दास महाराज बनकर मध्यप्रदेश के छतरपुर में भारी संख्या में मौजूद भक्तों के बीच कथा वाचन कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को भिलाई लेकर आई।




आरोपी देशभर में संत हनुमान दास बनकर करने लगा था कथा

पुलिस के मुताबिक- रामनगर सुपेला निवासी आरोपी सुशील दुबे 18 अक्टूबर 2013 को लिव इन में रहने वाली रीता की हत्या करके फरार हो गया था। पहचान छुपाने के लिए इलाहाबाद के संगम तट पर जाकर साधू बन गया। देशभर में संत हनुमान दास बनकर कथाएं भी करने लगा था। करीब दो साल पहले सुशील परिवार के संपर्क में आया। इस बीच पुलिस को उसके साधू बनने की जानकारी हो गई। परिवार के कॉल डिटेल और उसके स्कैच के आधार पर खोजबीन करके पुलिस उस तक पहुंच गई।

बैकुंठपुर-कोरिया की रहने वाली थी युवती

एडिशनल एसपी सिटी विजय पांडेय ने बताया कि गायत्री मंदिर वार्ड 13 रामनगर पुलिस को एक बंद कमरे में युवती की लाश मिली थी। करीब सप्ताहभर पुरानी लाश की पहचान चर्चा कॉलोनी रूपनगर बैकुंठपुर कोरिया निवासी रीता के रूप में हुई थी। तब तक आरोपी फरार हो चुका था।

लिफ्ट देकर युवती के संपर्क में आया, पत्नी को छोड़ रहने लगा साथ

सीएसपी श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि भिलाई में रहने के दौरान आरोपी टैक्सी चलाने का काम करता था। एक दफा उसने रीता को लिफ्ट दी थी। इसके बाद से दोनों के बीच मेलजोल इतनी बढ़ गई कि पहले आरोपी उससेजाकर मिलने लगा। जब उसने उसके पास ही रहने की जिद करने लगी तो उसके लिए रामनगर में किराए पर मकान ले लिया। उस दौरान दोनों के बीच संबंध इतने मधुर हो गए कि पत्नी को छोड़कर उसके साथ रहने लगा।




अवैध संबंध की जानकारी पर होने लगा विवाद

आरोपी सुशील ने पुलिस को बताया कि रीता के अवैध संबंध भी थे। इसी को लेकर एक दिन शराब के नशे में उससे विवाद हो गया। उस दौरान रीता भी नशे में थी। विवाद बढ़ने पर उसने रीता का सिर दीवार से कई बार पटका, जिससे वो बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद वो बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया।

साधुओं की सेवा करते-करते बना बैठा बाबा, वहां भी युवती फंसाया

आरोपी ने बताया कि भिलाई से भागकर पहले वो अपने रिश्तेदार के घर कौशांबी गया। लेकिन उन्होंने ज्यादा दिन रुकने नहीं दिया तो उसने पहले कुछ दिन तक ट्रकों पर क्लीनर काम किया। इसके बाद इलाहाबाद (प्रयाग) में संगम के तप साधुओं की सेवादारी करने लगा। वहां काम करते-करते उसे हनुमान दास महाराज का नया नाम मिला। कथा वाचक और तमाम तरह के संतों के साथ देशभर में घूम-घूमकर कथाएं करने लगा। सीएसपी श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी प्रयाग में भी एक युवती के संपर्क में था।

स्कैच बनाकर खोजबीन पर मिली सफलता

आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। कई सालों की जांच के बाद उसके संबंध में केवल उसके साधू बनने की ही जानकारी थी। स्कैच बनाकर खोजबीन करने पर केस में नई जान आ गई। – डॉ. संजीव शुक्ला, एसएसपी दुर्ग



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