मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर प्लेसमेंट एजेंसी ने 20 लोगों से की 15 लाख की ठगी

आरोपियों ने बिना इंटरव्यू के सीधे नियुक्ति पत्र देने का वादा किया। एक-एक से 70-80 हजार लिए, लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगाई।

रायपुर | बारहवीं और ग्रेजुएट पास युवाओं को मंत्रालय में नौकरी लगाने का झांसा देकर 15 लाख की ठगी करने वाले तीनों लोगों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। महिला ही सभी से डील करती थी। आरोपियों ने बिना इंटरव्यू के सीधे नियुक्ति पत्र देने का वादा किया। एक-एक से 70-80 हजार लिए, लेकिन किसी की नौकरी नहीं लगाई।




देवेंद्र नगर पुलिस के मुताबिक देवेंद्र नगर के बीबी राव (41) ने एन्क्लेव ग्रुप प्रा.लि के नाम से डेढ़ साल पहले कंपनी शुरू की थी। इसमें मंदिर हसौद के रुपेंद्र वर्मा (34) और उसकी पत्नी शालिनी वर्मा (29) काम करती थी। शालिनी एचआर हेड थी। शालिनी ही कंपनी में आने वालों से बातचीत करती थी। युवकों को नौकरी लगाने का झांसा देती थी। पिछले साल दिसंबर में रिश्तेदार के माध्यम से धमतरी भखारा गांव निवासी त्रिवेंद्र साहू को कंपनी के बारे में पता चला। वह अपनी नौकरी के लिए कंपनी के दफ्तर पहुंचा। जहां उसे शालिनी मिली। उसने बताया कि डायरेक्टर की मंत्रालय में अच्छी पकड़ है। प्रदेश के कई मंत्री और अफसर के करीबी है। मंत्रालय में कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क, ऑफिस ब्वॉय और भृत्य समेत कई पदों पर भर्ती चल रही है। इन पदों पर उनकी कंपनी सीधी भर्ती कर सकती है।

उसके बाद त्रिवेंद्र की मुलाकात बीबी राव और रुपेंद्र वर्मा से कराई गई। उन्होंने छह महीने के भीतर नौकरी लगाने का आश्वासन दिया। उससे इसके बदले 70 हजार मांगे गए। वह अपने घर गया और परिजनों को इसके बारे में बताया। परिजनों ने कर्ज लेकर उसे पैसे दिए। युवक ने रायपुर आकर पैसे कंपनी में जमा कर दिए। उसने मंत्रालय में नौकरी के लिए एक फार्म भरा और अपने दस्तावेज भी जमा किए। उसने इस बारे में अपने कुछ साथियों और रिश्तेदारों को भी बताया। इस तरह से आरोपियों के पास लोग नौकरी के लिए आने लगे। मार्च से कंपनी में ताला लगाकर गायब हो गए। तब लोगों ने एक साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। जांच के बाद केस दर्ज किया गया और उन्हें पकड़ लिया गया।




महासमुंद, धमतरी समेत कई शहरों के पीड़ित

पुलिस ने बताया कि रायपुर के अलावा महासमुंद, बिलासपुर, धमतरी, गरियाबंद, बलौदाबाजार समेत कई शहरों के लोगों से आरोपियों ने पैसे लिए हैं। पुलिस के पास बीस लोगों ने शिकायतें की है। उनसे 15 लाख की ठगी की गई। आरोपियों ने आज तक किसी की नौकरी नहीं लगाई है। आरोपी नौकरी के लिए आने वालों से 1500 का पंजीयन कराते थे। उन्हें एक महीने तक ट्रेनिंग का झांसा देते थे। एक महीने तक कंप्यूटर के सामने बैठा देते थे। ट्रेनिंग के नाम पर बेरोजगार युवाओं को कंपनी में लाने के लिए कहा जाता था। ज्यादातर ठगी के शिकार एक-दूसरे के परिचित है। परिचित और रिश्तेदार के माध्यम से वहां गए हैं।

युवकों को भी शराब पार्टी, बना लिया वीडियो 

पुलिस जांच में पता चला कि शालिनी ने कंपनी में आए युवक-युवतियों को शराब पार्टी दी थी। फिर उनके साथ डांस करते हुए वीडियो बना लिया। उसे वाट्सएप पर वायरल किया। फिर युवकों को धमकी देने लगी कि उसका वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं। उसकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। पैसा मांगने पहुंचे तीन युवकों के खिलाफ उसने मंदिर हसौद थाने में झूठी शिकायतें भी की थी। उसने कुछ लोगों को आपत्तिजनक वीडियो भी भेजा था।




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