इमर्जेन्सी हेल्पलाइन नं. डायल-112 में आया फोन, 15 मिनट में पहुंचकर पुलिस ने खुदकुशी से रोका - गोंडवाना एक्सप्रेस
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इमर्जेन्सी हेल्पलाइन नं. डायल-112 में आया फोन, 15 मिनट में पहुंचकर पुलिस ने खुदकुशी से रोका

रायपुर (एजेंसी) | डायल-112 इमरजेंसी सेवा में बुधवार को बलौदाबाजार से एक युवक ने फोन किया, जबकि उस शहर में यह सुविधा शुरू नहीं की गई है। उसने बताया कि एक युवक खुदकुशी की कोशिश कर रहा है। वह बहुत परेशान है। डायल-112 के कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी ने फोन करने वाले से लोकेशन पूछी। फिर तुरंत बलौदाबाजार पुलिस को फोन करके घटना की जानकारी दी और युवक की लोकेशन भी भेजी। वहां की पुलिस 15-20 मिनट में मौके पर पहुंची और युवक को बचा लिया। घरेलू विवाद के कारण युवक खुदकुशी की कोशिश कर रहा था। इसी तरह से लगातार डायल-112 में अलग-अलग इलाकों से लोगों के फोन आ रहे हैं। रायपुर के अलावा आसपास के शहरों से भी लोग फोन कर रहे है, जबकि वहां यह सुविधाएं शुरू नहीं हुई है।

एडिशनल एसपी ओपी शर्मा ने बताया कि डायल-112 का अभी अंडर ट्रायल है। प्रोजेक्ट के फील्ड में आने वाली दिक्कत और तकनीकी खामियों का पता किया जा रहा है। फील्ड में तैनात इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ईआरवी) टीम को किस तरह की घटना स्थल में पहुंचने और लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह देखा जा रहा है। हालांकि तीन दिन के ट्रायल में सब व्यवस्थित हो गया है। दस मिनट के भीतर टीम घटना स्थल पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार शाम रिंग रोड-2 प्रिंस ढाबा के पास से एक्सीडेंट की सूचना आई थी। सूचना मिलने के दस मिनट के भीतर ईआरवी की टीम मौके पर पहुंच गई थी।




उनके साथ संजीवनी 108 एंबुलेंस भी पहुंच गए थे। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। गाड़ी को रास्ते से हटाया, ताकि ट्रैफिक जाम न हो। वहां पर ऑटो और पिकअप में भिड़त हो गई थी। इसी तरह का फोन शाम 5 बजे कचना से आया था। वहां बाइक का एक्सीडेंट हो गया था।

मोबाइल एप जल्द

डायल-112 के लिए मोबाइल एप भी बनाया जा रहा है। इसमें भी घटना की सूचना या अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। यह एप आम लोगों के लिए होगा। यह भी अंडर ट्रायल है। इसमें कई तरह विकल्प दिए जाएंगे। इसमें एक ऐसा विकल्प होगा कि इमरजेंसी के समय उसे क्लिक करने पर कंट्रोल रूम में मैसेज चला जाएगा। ईआरवी की टीम मौके पर पहुंच जाएगी।

तीन दिन में 13 हजार कॉल

डायल-112 में तीन दिन में 13 हजार कॉल आए है। इसमें सिर्फ तीन सौ कॉल ही काम के थे। बाकी फाल्स कॉल है। ज्यादातर कॉल करके चेक कर रहे है कि हेल्पलाइन नंबर शुरू हुआ है कि नहीं। कई लोग फोन करके बधाई दे रहे हैं। ऐसे लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि यह इमरजेंसी नंबर है। इमरजेंसी होने पर ही हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करें। फिजूल की बातें इसमें न करें। डायल-112 में आए 156 कॉल में पुलिस ने कार्रवाई भी की है। दो सौ कॉल में लोगों की मदद की गई।



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