आचार संहिता आज से लागु; 12 और 20 नवंबर को 2 चरणों में होगा चुनाव, 11 दिसम्बर को घोषित होंगे नतीजे

रायपुर (एजेंसी) | मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने शनिवार को घोषणा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में एक साथ चुनाव होंगे। इन राज्‍यों में तत्‍काल प्रभाव से आज ही (शनिवार से) आचार संहिता लागू की जाती है। साथ ही उन्‍होंने कहा कि 15 दिसंबर से पहले 4 राज्‍यों में चुनावी प्रकिया पूरी करनी है। प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में चुनाव आयुक्त अशोक लवासा एवं सुनील अरोड़ा भी मौजूद रहे। पहले यह घोषणा दोपहर 12:30 बजे होनी थी, लेकिन बाद में इसे दोपहर 3 बजे कर दिया गया था। मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ओपी रावत नेे इस पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ जरूरी वजहों से समय में देरी हुई है।

आचार संहिता आज से लागू

छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है।छत्तीसगढ़ में 12 और 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे और 11 दिसंबर को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे। पांच राज्यों में सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही दो चरणों में वोटिंग होगी, जबकि मध्यप्रदेश और मिजोरम में तथा राजस्थान और तेलंगना में एक ही चरण में मतदान होगा। वही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आज से ही आचार संहिता लागू हो गई है। अर्थात चुनावी प्रचार आज से थम गया। मुख्य निवार्चन आयुक्त ओपी रावत ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया।




छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होगा मतदान 

छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं। पहले चरण में नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव किया जायेगा। इसमें 18 विधानसभा सीटों में मतदान कराए जायेंगे। 16 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी किया जायेगा, नामिनेशन के लिए आखिरी तारीख 23 अक्टूबर होगी। स्क्रूटनी 24 अक्टूबर को होगी और वोटिंग 12 नवंबर को कराया जायेगा।

वहीं दूसरे चरण में 72 सीटों पर वोट डाले जायेंगे। इन सीटों के लिए 26 अक्टूबर को नोटिफिकेशन जारी किया जायेगा, जबकि नामिनेशन की आखिरी तारीख 2 नवंबर होगी। 3 नवंबर को नामों का स्क्रूटनी किया जायेगा। 5 नवंबर तक नाम वापस लिये जा सकेंगे। जबकि 20 नवंबर को चुनाव कराये जायेंगे।

पहला चरण (नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में) दूसरा चरण
नोटिफिकेशन 16 अक्टूबर 26 अक्टूबर
नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 23 अक्टूबर 2 नवंबर
नॉमिनेशन की स्क्रूटनी 24 अक्टूबर 3 नवंबर
नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर 5 नवंबर
वोटिंग : 12 नवंबर 20 नवंबर
कुल सीटें 18 72

मतगणना : 11 दिसंबर को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे।

प्रथम चरण में इन क्षेत्रो में चुनाव होना है

प्रथम चरण में नक्सल प्रभावित क्षेत्रो में 12 नवंबर को चुनाव होगा। जिसमे कोंटा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, चित्रकोट, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, केशकाल, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, राजनांदगांव, खैरागढ़, डोंगरगढ़, खुज्जी, मोहला मानपुर समेत चित्रकोट शामिल है।

द्वितीय चरण में इन क्षेत्रो में चुनाव होना है

दूसरे चरण के तहत 20 नवम्बर को भरतपुर सोनहत, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, प्रतापपुर, रामानुजगंज, सामरी, लुण्ड्रा, अंबिकापुर, सीतापुर, जशपुर, कुनकुरी, पत्थरगांव, लैलूंगा, रायगढ़, सारंगढ़, खरसिया, धरमजयगढ़, रामपुर, कोरबा, कटघोरा, पाली-तानीखार, मरवाही, कोटा, लोरमी, मुंगेली, तखतपुर, बिल्हा, बिलासपुर, बेलतरा, मस्तुरी, अकलतरा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, चन्द्रपुर, जैजेपुर, पामगढ़, सराईपाली, बसना, खल्लारी, महासमुन्द, बिलाईगढ़, कसडोल, बलौदाबाजार, भाटापारा, धरसींवा, रायपुर ग्रामीण, रायपुर नगर(पश्चिम), रायपुर नगर(उत्तर), रायपुर नगर(दक्षिण), आरंग(अ.जा.), अभनपुर, राजिम, बिन्द्रानवागढ़, सिहावा, कुरूद, धमतरी, संजारी बालोद, डौंडीलोहारा, गुण्डरदेही, पाटन, दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, भिलाई नगर, वैशाली नगर, अहिवारा, साजा, बेमेतरा, नवागढ़, पंडरिया, कवर्धा, प्रेमनगर समेत भटगांव में चुनाव होंगे।

खर्च की सीमा बढ़ाई गई 

निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की खर्च सीमा को बढ़ाकर 28 लाख कर दिया है। इसके पहले चुनाव में खर्च की सीमा 16 लाख रुपए रखी गई थी। उम्मीदवार अधिकतम 28 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। इस ऐलान के साथ छत्तीसगढ़ सहित राज्यों में आचार संहिता लग गया है। 15 दिसंबर के पहले सभी सभी राज्यों में चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी।

46 सीटें हासिल करने वाली पार्टी बनाती है सरकार

छत्तीसगढ़ में कुल 90 सीटें हैं और 46 सीटें हासिल करने वाली पार्टी सत्ता बनाती है। पिछले चुनाव में भाजपा को 49 सीटें मिली थीं, वहीं कांग्रेस के खाते में 39 सीटें गई थीं। भाजपा का वोट प्रतिशत 54 था, जबकि कांग्रेस को 43.3% वोट मिले थे। तीसरी ताकत के रूप में बसपा को महज 1 सीट मिली थी।

वीवीपैट मशीनों का होगा इस्तेमाल

ओपी रावत ने कहा है कि हर मतदान केंद्र में सुरक्षा बलों की तैनाती की जायेगी। चुनावो में वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जायेगा। चुनावों की पारदर्शिता के लिहाज से पूरी प्रकिया की सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। चुनाव में हर प्रशासनिक अधिकारी पर चुनाव आयोग की नजर रहेगी। 


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