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ई-रिटर्न की तर्ज पर इस साल से ई-असेस्मेंट की सुविधा, नहीं लगाना पड़ेगा दफ्तर के चक्कर

रायपुर (एजेंसी) | केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सदस्य पीके.दाश ने बुधवार को रायपुर में बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि आयकर करदाताओं को सुविधा देने विभाग ई-रिटर्न की तरह इस साल से ई-असेस्मेंट सर्विस शुरु कर रहा है। इसके तहत किसी भी करदाता को आयकर दफ्तर या अफसरों के आगे-पीछे चक्कर नहीं लगाना होगा। उसे आफिस आने की पीड़ा नहीं झेलनी होगी।

दो दिनी रायपुर प्रवास पर आए दाश ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जल्द हम फेस लेस असेस्मेंट भी शुरु करेगा। उन्होंने बताया कि अब करदाता आधार कार्ड या पैन दोनों में से किसी एक की मदद से भी रिटर्न फाइल कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ में इस समय 55 लाख 17 हजार पैन कार्डधारी हैं। इनमें से 20 फीसदी ही रिटर्न फाइल कर रहे हैं। विभाग इसमें बढ़ोतरी के प्रयास कर रहा है। हम प्री फाइल रिटर्न का भी प्रयास कर रहे हैं।

6093 करोड़ का आयकर संग्रह का लक्ष्य

साल 2019-20 के लिए एमपी सीजी में आयकर वसूली के लक्ष्य और उसे हासिल करने विभागीय तैयारियों की समीक्षा के लिए आए दाश ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल छत्तीसगढ़ को 12 फीसदी ग्रोथ के साथ 6093 करोड़ का आयकर संग्रह का लक्ष्य दिया गया है जिसमें से अब तक वसूली संतोषजनक है। वित्त वर्ष के अंत तक लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। दाश के मुताबिक राज्य में पिछले साल 1.85 लाख नए करदाता जुड़े हैं। इस साल और बढ़ेंगे। इसी तरह से इस साल 2.15 लाख रिटर्न फाइल कराने का लक्ष्य है।

बोर्ड मेंबर दाश ने कहा कि करदाताओं में विभाग के प्रति भय खत्म करने हर माह प्रमुख कमिश्नर और चीफ कमिश्नर टैक्स कंसल्टेंट्स के साथ बैठक करेंगे। साथ ही स्कूल-कालेजों में भी अवेयरनेस प्रोग्राम चलाकर बच्चों को यह बताएंगे कि करदाता होना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि गलत या अधिक कर निर्धारण के खिलाफ बड़ी तादाद में अपील लंबित हैं। इनमें से कई 5 साल से पुराने हैं। अमले की कमी जल्द दूर कर उनका निराकरण 30 सिंतबर तक कर लिया जाएगा।

2 फीसदी मामलों में ही छापेमारी कर रहा विभाग 

इस दौरान एसएसएस.राय ने बताया कि विभाग अपने करदाताओं पर पूरा भरोसा करते हुए 99 फीसदी रिटर्न स्वीकार कर रहा है। केवल 2 फीसदी मामलों में ही इंफोर्समेंट (छापा या सर्वे) कर रहे हैं। राय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईटी अधोसंरचना का बहुत विकास किया गया है। जल्द ही फ्री लीगल सेल स्थापित कर दिया जाएगा। इसके लिए रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ में पैनल बनाया जा रहा है। यहां सेंट्रल प्रोसेसिंग सेल एक समस्या थी। सभी जेडी से कहा गया है कि एक महीन में एसेसी या कंसल्टेंट्स के साथ एक बैठक कर समस्या दूर करे। उन्होंने बताया कि सीजी में केवल एसईसीएल ही बड़ा करदाता है। कई कंपनियां और हैं पर उनसे कम टैक्स आ रहा है। इसे बढ़ाने कहा गया है।

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