देशभर में विजयदशमी की धूम आज, PM मोदी और CM रमन सिंह ने दी बधाई

नेशनल न्यूज़ (एजेंसी) | असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा आज यानि शुक्रवार (19 अक्टूबर) को धूमधाम से मनाया जाएगा। मां दुर्गा की नौ दिनों तक हुई उपासना के बाद शुक्रवार (19 अक्टूबर) को दशहरा का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया जाएगा। साल के सबसे महत्‍वपूर्ण त्‍योहारों में एक दुर्गा पूजा का भी इसी के साथ समापन हो होगा। आज देश के कई हिस्सों में रावण दहन होगा। हालांकि, कुछ जगहों पर गुरुवार (18 अक्टूबर) को भी रावण दहन किया गया।




गुजरात के अहमदाबाद में रावण को गुरुवार ही जलाया गया। इस पावन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर देशवासियों को विजयादशमी की बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर एक शुभकामना वीडियो शेयर किया है।


प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी दशहरे की बधाई देते हुए ट्वीट किया, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र ने अपने जीवन से समस्त जगत में करुणा, धैर्य व एकता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। आज धर्म के महापर्व विजयादशमी  पर सभी देशवासियों को बहुत शुभकामनाएँ। कौशल्यानंदन प्रभु राम आप सभी को खुशहाली व समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें।”

अहंकार-क्रोध का विनाश का प्रतिक है दशहरा का त्यौहार

भगवान राम के रावण का वध करने और असत्य पर सत्य की विजय के खुशी में इस पर्व को मनाया जाता है. इस दिन जगह जगह रावण दहन किया जाता है. कहा जाता है कि रावण के पुतले को जला हर इंसान अपने अंदर के अहंकार, क्रोध का नाश करता है. इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जाता है।

मान्यता है कि आज ही के दिन प्रभु श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त की थी 

ऐसी मान्यता है कि रावण का वध करने कुछ दिन पहले भगवान राम ने आदि शक्ति मां दुर्गा की पूजा की और फिर उनसे आशीर्वाद मिलने के बाद दशमी को रावण का अंत कर दिया। ऐसी भी मान्यता है कि दशमी को ही मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था। इसलिए इसे विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है।

देशभर में अलग-अलग है परंपराएं

देशभर में अलग-अलग जगह रावण दहन होता है और हर जगह की परंपराएं बिल्कुल अलग हैं। इस दिन शस्त्रों की पूजा भी की जाती है। पांडवो से जुड़ी विराट राज्य की विजय कथा के कारण इस दिन शमी के पेड़ की पूजा भी की जाती है।

आज विजय मुहूर्त है

वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, सोना, आभूषण नए वस्त्र इत्यादि खरीदने के लिए आज कोई मुहूर्त देखने की जरुरत नहीं है। विवाह के अतिरिक्त कोई भी शुभकार्य आज किया अजा सकता है। आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी पर विजय मुहूर्त का अत्यधिक महत्त्व है। यह अक्टूबर को 1: 54 बजे से 2:03 बजे तक रहेगा। दशहरे के दिन नीलकंठ भगवान के दर्शन करना अति शुभ माना जाता है।

ये है शुभ मुहूर्त
08:20 से 10:30 बजे तक लग्न पूजन
11:24 से 12:32 बजे तक अभिजीत मूहूर्त
दहन का शुभ मुहूर्त
शुक्रवार को दोपहर 2.57 बजे से शाम 4.17 बजे।

गोंडवाना एक्सप्रेस न्यूज़ परिवार की ओर से आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाए।



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