रायपुर में दशहरे के एक दिन पहले ही रावण का दहन हो गया - गोंडवाना एक्सप्रेस
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रायपुर में दशहरे के एक दिन पहले ही रावण का दहन हो गया

रायपुर (एजेंसी) | भगवान राम की ननिहाल रायपुर के WRS कॉलोनी में बना छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रावण दशहरे के एक दिन पहले ही गुरुवार आधी रात लगभग 12:30 AM के बाद अचानक जलकर खाक हो गया। इस दौरान अास-पास मौजूद कई लोग बाल-बाल बच गए। आग लगने के कारणाें का पता नहीं चल सका है, लेकिन माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट से पुतले में आग पकड़ ली।




दरअसल दशहरा उत्सव के एक दिन पहले ट्रायल लिया जा रहा था। उसी दौरान रावण के पुतले में आग लग गई। और अचानक तेज आतिशबाजी के साथ रावण धू-धुकर जल गया। आग लगने के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया।

राजधानी की डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में मनाए जाने वाले दशहरा उत्सव की तैयारियां जोरशोर से चल रही थीं। इस दौरान आस-पास लोग रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को देख रहे थे और मैदान में टल रहे थे। अचानक रात करीब 12.30 बजे रावण के पुतले में आग लग गई और विस्फोट होने लगा। इसके चलते मैदान में अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते पुतले में लगी आतिशबाजी में विस्फाेट होना शुरू हो गया। इसके बाद तो पूरे मैदान में भदगड़ सा माहौल बन गया। रावण के पुतले के पास मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आते-अाते बाल-बाल बचे। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गई और आग पर काबू पाया गया।

दशहरे का 49वां वर्ष, इस बार 101 फीट का था रावण का पुतला

राजधानी में प्रति वर्ष सार्वजनिक सांस्कृतिक एवं सेवा समिति तथा नेशनल क्लब द्वारा कराया जाता है। इस मैदान में दशहरा उत्सव का यह 49वां वर्ष है। डब्ल्यूआरएस में 101 फीट का रावण बना था,  वहीं 85-85 फीट के मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले बनाए गए हैं। दशहरा उत्सव में इस बार लंदन ब्रिज एवं लंदन रिंग की म्यजिक की तैयारी की गई।  डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान में फायर फाइटिंग-लाइटिंग और कंप्यूटराइज्ड आतिशबाजी चाइना के टेक्निशियन के माध्यम से होना है, लेकिन दशहरा के पहले रावण का पुतला में आग लगने से माहौल खराब हो गया।

4 वर्षों से था गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज

डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के दशहरा मैदान में बन रहे रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को राजपाल लुंबा करीब 26 सालों से बनाते आ रहे हैं। लुंबा रेलवे में सुपरवाइजर थे और अब रिटायरमेंट के बाद भी पुतलों को बनाने का उनका आकर्षण कायम है। कॉलोनी में करीब 4 सालों से दुनिया का सबसे लंबा रावण का पुतला बनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करा रहे थे। हालांकि इस बार पंचकुला में सबसे बड़ा रावण का पुतला बनाया गया।इस बार भी 101 फीट का रावण बना लुंबा ने प्रदेश में रिकार्ड बनाया था।

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राजपाल लुंबा ने कभी रावण बनाने का प्रशिक्षण कहीं से नहीं लिया। लुंबा ने बताया कि आस पास के लोग खुद ही सहायता के लिए आगे आ जाते हैं और सब मिलकर रावण के निर्माण में मदद करते हैं। खास तौर पर बच्चों की रावण बनाने में बहुत दिलचस्पी है। लुंबा ने बताया कि एक माह पहले लंकेश के जयकारे और पूजा के बाद शुरू होता है रावण का पुतला बनाने का काम। मैदान के पास ही रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के चेहरों की मिट्टी से स्थाई आकृति बनाई गई थी। चेहरों पर कागज के ढांचे बना कर रावण और बाकियों के चेहरे तैयार किए जाते हैं।



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