डीएम अवस्थी बने नए डीजीपी, रमन की स्काई मोबाइल योजना बंद - गोंडवाना एक्सप्रेस
gondwana express logo

डीएम अवस्थी बने नए डीजीपी, रमन की स्काई मोबाइल योजना बंद

रायपुर (एजेंसी) | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यभार संभालने के तीसरे ही दिन 2 बड़े फेरबदल किए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार डीजी नक्सल ऑपरेशंस डीएम अवस्थी प्रदेश के नए डीजीपी होंगे, एएन उपाध्याय अब पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का प्रभार संभालेंगे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘स्काई योजना’ को बंद कर दिया है।

बंद हुई स्काई मोबाइल योजना

बुधवार को आला अफसरों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस में  मुख्यमंत्री बघेल ने यह आदेश दिया। विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस शुरू से ही फिजूलखर्ची की योजना बता इसका विरोध कर रही थी। रमन सरकार ने प्रदेश में लोगों की कनेक्टिविटी बढ़ाने और 10 हजार लोगों को रोजगार मिलने  के दावे के साथ यह योजना शुरू की थी।




इस पर करीब 1500 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसके लिए पंचायतों की मूलभूत राशि मद से एक हजार करोड़ रुपए का अंतरण किया था। लेकिन निकायों के विरोध के कारण यह राशि वापस लौटानी पड़ी थी। बाद में आरबीआई के जरिए बाजार से कर्ज लिया गया। 50.15 लाख महिलाओं-युवतियों को फ्री में मोबाइल देने का लक्ष्य रखा गया था। चुनावों से पहले तक 30 लाख से अधिक मोबाइल दिए जा चुके थे। करीब 5 लाख सेट्स अभी वेयर हाउस में रखे हैं।

अवस्थी का चयन इसलिए क्योकि:

नक्सल मोर्चे पर तीन साल में कई सफल मुठभेड़ें और अभियान

डीएम अ‌वस्थी 2004 में रायपुर एसपी बने और उसके बाद ही अपनी तेजतर्रार पुलिसिंग तथा अन्वेषण के लिए चर्चा में आए। इसी वजह से उन्हें इंटेलिजेंस जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। 3 साल पहले अवस्थी स्पेशल डीजी नक्सल आपरेशंस बनाए गए। इन तीन सालों में फोर्स और नक्सलियों के बीच सबसे ज्यादा मुठभेड़ें हुईं और कई ऑपरेशंस सफल रहे। अवस्थी को नक्सल इलाके में पुलिस का खुफिया तंत्र मजबूत करने के मामले में भी जाना जाता है।

पुलिस के लिए 10 हजार मकान और 200 थाने बनवाए

अवस्थी पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के एमडी बनाए गए, उसके बाद से अब तक कार्पोरेशन ने प्रदेशभर में पुलिस के 10 हजार से ज्यादा मकान बनवाए हैं। बेहद जर्जर मकानों में रहने वाली पुलिस के लिए इतने मकानों का निर्माण अब तक किसी राज्य में नहीं हुआ। इसके अलावा उन्हीं के कार्यकाल में प्रदेशभर में 200 से ज्यादा थाना भवनों का नए सिरे से निर्माण किया गया और उनमें वह सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं, जिनकी पुलिसिंग में आवश्यकता है।

सीएम बोले- अफसर वीआईपी कल्चर छोड़ें, जिलों में रहकर काम करें 

मुख्यमंत्री बघेल ने  जिला कलेक्टरों और एसपी से जिलों के सामान्य प्रशासन व कानून व्यवस्था का रिव्यू किया । उन्होंने कहा कि हमें वीआईपी कल्चर की जरूरत नहीं है। अफसर भी इससे दूर रहे। सरकार सादगी के साथ जन सेवा करेगी। ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को सरकार पूरा संरक्षण देगी। हर जिले में प्रशासन के कार्य जनोन्मुखी हों ताकि आम जनता को छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर मंत्रालय न आना पड़े। कोल माफिया, भूमाफिया और सट्टेबाजों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव अजय सिंह भी बैठक में शामिल हुए।



Leave a Reply