उल्लास के उजाले में मां लक्ष्मी के अभिनंदन के लिए सजा शहर, शुभ मुहूर्त में होगी पूजा

रायपुर (एजेंसी) | बुधवार को इस बार 59 साल बाद बन रहे मालव्य और कई शुभ योगों के बीच दिवाली मनेगी। मान्यता है कि इस दिन लोगों के उत्साह और उल्लास के उजाले में मां लक्ष्मी सुख-समृद्धि का आशीष देने घर-घर में पधारेंगीं। उनके अभिनंदन के लिए समूचा शहर सजधज कर तैयार है। शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी पूजा के साथ ही देहरी-द्वार और मुंडेरों पर दीप मालिकाएं सजाई जाएंगी। घर, मंदिर व भवन रोशनी से जगमग रहेंगे।




रंगारंग आतिशबाजी होगी। पंडितों ने कार्तिक कृष्ण पक्ष के चलते दीपावली पर लक्ष्मी पूजा के लिए स्थिर लग्न व गौधूलि बेला का समय श्रेष्ठ माना है। दीपावली पर मां लक्ष्मी व श्रीयंत्र व भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है।

मालव्य योग

बुधवार को दीपावली मालव्य योग में मनेगी। बुधवार होने से शुभ और स्वाति नक्षत्र से सुखद वातावरण बना रहेगा। दीपावली पर मंगल, शनि की स्वामित्व वाली राशि कुंभ में होगा और शनि, गुरु के स्वामित्व वाली राशि धनु में होगा। शुक्र अपनी स्वयं की राशि तुला में होंगे। मंगल-केतु की युति भी समाप्त हो जाएगी, जो पर्व की शुभता बढ़ाएगी। यह सभी ग्रह योग दीपावली को व्यापार के लिए उत्तम बनाएंगे। दीपावली पर सुबह महाकाली का पूजन, दोपहर में पितरों का पूजन एवं शाम को महालक्ष्मी तथा कुबेर का पूजन कर व हनुमानजी का दर्शन करना शुभ रहेगा।

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दीपावली पर 59 साल बाद शुक्र, सूर्य, चंद्रमा का दुर्लभ संयोग 

ज्योतिषाचार्यो के मुताबिक इस बार दीपावली पर शुक्र, सूर्य, चंद्रमा तुला राशि में है, जो मालव्य योग बनता है। जबकि बुध और बृहस्पति वृश्चिक राशि में, शनि धनु राशि में और मंगल कुंभ राशि में हैं। यह दीपावली पर 59 साल में बना श्रेष्ठ संयोग है। इस दिन महालक्ष्मी की पूजा के लिए 13 मिनट का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। जो शाम 6:20 से 6:33 के बीच होगा। इसमें प्रदोष काल, वृष लग्न और कुंभ का स्थिर नवमांश रहेगा।

गोंडवानएक्सप्रेस की ओर से अन्धकार पर प्रकाश की शाश्वत विजय के पर्व ‘दीपावली’ की अनंत शुभकामनाएं।



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