जोगी कांग्रेस के विधायक धर्मजीत ने कहा, ‘झीरम मामले की निष्पक्ष जांच होने तक एक मंत्री को हटाएं’

जगदलपुर (एजेंसी) | विधानसभा में बुधवार को जोगी कांग्रेस के विधायक धर्मजीत सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान झीरम हत्याकांड का उल्लेख करते हुए सरकार के एक मंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा जघन्य हत्याकांड नहीं हुआ है। एसआईटी जांच से इसकी परतें उधड़ेंगी। लेकिन कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष नंद कुमार पटेल की हत्या के पांच मिनट पहले जो चश्मदीद व्यक्ति वहां था, वह अब भूपेश बघेल के मंत्रिमंडल का सदस्य है।




यदि एसआईटी से निष्पक्ष जांच करवाना है तो जांच पूरी होने तक उससे इस्तीफा लिया जाए। सिंह ने कहा कि जांच की शुरूआत तो इसी व्यक्ति से होनी चाहिए। नंद कुमार पटेल से नक्सलियों ने क्या बात की। किस भाषा में की। वो क्यों मरे। वो क्यों बचे। यदि उसे मंत्री पद से नहीं हटाया जाता तो क्या एसआईटी में शामिल किसी भी अफसर में हिम्मत होगी उससे पूछताछ करने की?

धर्मजीत सिंह बोले, ‘दोषी को जयस्तंभ चौक पर लाकर फांसी पर लटका दिया जाए तो भी काम है।’

जांच में जो भी दोषी हो उसे जयस्तंभ चौक पर लाकर फांसी पर लटका दिया जाए तो भी यह सजा कम ही होगी। षडयंत्र में यदि किसी आईपीएस अफसर की भूमिका या चूक मिली तो क्या एसआईटी में शामिल आईपीएस अफसर की जांच कर सकेंगे। जांच निष्पक्ष हो ताकि सीबीआई की तरह एसआईटी को भी तोता न कहा जाए। बल्कि जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।

रमन बोले, ‘नक्सल नीति बदली तो राज्य 50 साल इस समस्या को और झेलेगा’

पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि नक्सल नीति में परिवर्तन हुआ तो राज्य 50 साल इस समस्या को और झेलेगा। मैं सचेत करना चाहता हूं। इसमें लंबे समय की कार्ययोजना बनाकर काम करने की जरूरत है। हमारी सरकार थी तो हमने नक्सलियों को पीछे खदेड़ा।



Leave a Reply