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Ex-CJI रंजन गोगोई ने राज्यसभा सदस्यता की शपथ ली, पूर्व जस्टिस जोसफ कुरियन ने राज्यसभा नामांकन पर उठाया सवाल

दिल्ली | कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच देश के देश के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली। कांग्रेस, लेफ्ट आदि सदस्यों ने विरोध जताते हुए सदन से वाकआउट किया। उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर गोगोई जैसे ही शपथ लेने निर्धारित स्थान पर पहुंचे, वैसे ही विपक्षी सदस्यों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया।

हंगामे पर आपत्ति जताते हुए सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि ऐसा व्यवहार सदस्यों की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। गोगोई ने अंग्रेजी में शपथ ली। शपथ लेने के बाद उन्होंने सभापति और अन्य सदस्यों का अभिवादन किया।

सदन में हंगामे पर सभापति नायडू ने कहा, ‘आप संवैधानिक प्रावधानों को जानते हैं, आप उदाहरणों को जानते हैं, आप राष्ट्रपति के अधिकारों को जानते हैं। नायडू ने कहा कि आपको सदन में ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए। किसी मुद्दे पर पर आप अपनी राय सदन के बाहर व्यक्त करने के लिए स्वतंत्रता हैं। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्षी सदस्यों का आचरण पूरी तरह से अनुचित था।

प्रसाद ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग इस सदन के सदस्य रहे हैं। उन लोगों में पूर्व न्यायाधीश भी शामिल हैं जिन्हें मनोनीत किया गया था। नायडू ने कहा कि हमें सदस्य का सम्मान करना चाहिए। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कई सदस्यों ने गोगोई को बधाई दी। वह सदन में मनोनीत सदस्य सोनल मान सिंह के पास वाली सीट पर बैठे थे।

पूर्व जस्टिस जोसफ कुरियन ने नामांकन पर सवाल उठाया था

जस्टिस कुरियन जोसेफ ने पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई के राज्यसभा में नामांकन पर भी हैरानी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि वे हैरान हैं कि जिस जज ने कभी न्यायपालिका की निष्पक्षता और आजादी के लिए ऐसा साहस दिखाया था, उन्होंने ही आजादी के सिद्धांत से समझौता कर लिया।

उन्होंने कहा था कि राज्यसभा नॉमिनेशन स्वीकार करके पूर्व सीजेआई ने न्यायपालिका की आजादी पर आम आदमी के यकीन को हिला दिया है और यह आजादी ही भारत के संविधान के मूल में हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से लोगों के बीच ऐसी धारणा बन रही है कि न्यायपालिका में मौजूद न्यायाधीशों का एक धड़ा या तो निष्पक्ष नहीं रह गया है, या फिर भविष्य की योजनाओं पर काम कर रहा है।

बता दें कि पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई को हाल ही में राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। गोगोई ने अपने कार्यकाल में अयोध्या भूमि विवाद, राफेल लड़ाकू विमान और सबरीमला में महिलाओं के प्रवेश समेत कई अहम मामलों पर फैसला सुनाने वाली पीठ की अध्यक्षता की थी। गृह मंत्रालय ने सोमवार रात अधिसूचना जारी कर गोगोई को उच्च सदन के लिये मनोनीत करने की घोषणा की थी।

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