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व्यक्ति विशेष: छत्तीसगढ़ की बेटी ने देश का किया नाम रोशन, वर्ल्ड योग फ़ेस्टिवल में जीते मेडल

कहते है ना कि पूत के पांव पालने में ही दिखने लगते है। एक मजदुर पिता ने अपनी बेटी की प्रतिभा को न सिर्फ पहचाना बल्कि उसे आगे उड़ने के लिए पंख भी दिए। छत्तीसगढ़ प्रदेश के योग की ब्रांड एम्बेसडर दामनी साहू ने बुल्गारिया में आयोजित वर्ल्ड योग फ़ेस्टिवल में दो सिल्वर मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।

16 देशो के खिलाड़ियों ने लिया था भाग 

हाल ही में 28 से 30 जून के बीच बुल्गारिया में संपन्न हुए विश्व योग समारोह में योग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमे हिस्सा लेने दामिनी यहां पहुंची थी। 7 कैटेगिरी में हुई इस प्रतियोगिता में चीन, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड सहित 16 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।भारत से 19 खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। जिसमे छत्तीसगढ़ से तीन खिलाड़ी शामिल हुए थे। कोच संतोष आनंद राजपूत के मार्गदर्शन में इन सभी खिलाड़ियों ने विदेशों में नाम रोशन किया है।

दामिनी समेत तीनो खिलाड़ियों ने सिल्वर मैडल अपने नाम किया 

वर्ल्ड योग फ़ेस्टिवल में प्रदेश के तीनों खिलाड़ियों ने अलग अलग कैटेगिरी में सिल्वर मेडल अपने नाम किए हैं मैडल जीत कर घर लौटी ब्रांड एम्बेस्डर का प्रदेशवासियों ने जोरदार स्वागत किया है। दामिनी के मुताबिक, वह योग में ही करियर बनाना चाहती हैं और अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती है।

दामिनी के पिता दिव्यांग है और दिहाड़ी मजदूरी करते है 

दामिनी के पिता परदेशीराम साहू एक हाथ से दिव्यांग हैं। इसके बाद भी वे गोदी-मजदूरी और मेले-मड़ई में गुब्बारा बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। बावजूद इसके उन्होंने अपनी बेटी को गरीबी और तंगहाली के बावजूद शिक्षा दिलाई, जिससे वह इस काबिल बन सकीं कि उन्‍होंने अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर परिवार के साथ देश का नाम रोशन किया।

दर्रा गांव की रहने वाली है दामिनी 

धमतरी जिले के कुरुद विकासखण्ड के दर्रा गांव की रहने वाली दामिनी बेहद गरीब परिवार से है। उनके पिता परदेसी राम साहू पेशे से मजदूर हैं। 21 साल की दामिनी 11 साल की उम्र से योगा कर रही हैं। गांव के मिडिल स्कूल में क्रीड़ा शिक्षक से प्रेरित होकर दामिनी ने अपने इस अभ्यास को निरंतर जारी रखा। अभी दामनी प्रदेश में योग की ब्रांड एम्बेसडर हैं।

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