आईएएस की तैयारी करते-करते बन गया नटवरलाल, 5 करोड़ रुपए के नकली नोटों के साथ दंपति गिरफ्तार

रायपुर (एजेंसी) | राजधानी के राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने रविवार को नकली नोट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दंपति को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दंपति के फ्लैट से पुलिस ने 2000-2000 रुपए के 5 करोड़ रुपए के नकली नोट, प्रिंटर, कुछ प्रिंटेड शीट, लैपटाॅप, 2 मोबाइल फोन, स्विफ्ट कार और 25,000 रुपए के असली नोट बरामद किए हैं। पकड़े गए दोनों आरोपी सीएसआर फंडिंग के नाम पर लाेगों से भी ठगी किया करते थे।

निखिल नाम का ये आरोपी पहले दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। लेकिन कई साल की तैयारी के बाद भी वह सफल नहीं हो सका तो उसने ठगी का रास्ता अख्तियार कर लिया। पुलिस ने मौके पर दबिश दी और वहां से निखिल और उसकी पत्नी पूनम अग्रवाल सहित करोेड़ों रुपए और अन्य सामान पाया गया।

एनजीओ को 20 फीसदी पर फंडिंग कराने का देते थे झांसा

एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि पिछले दिनों एसएसपी अमरेश मिश्रा को सूचना मिली थी कि राजेंद्र नगर इलाके के अमलीडीह स्थित एक घर में करोड़ों का कैश रखा हुआ है। इस पर उन्होंने राजेंद्र नगर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम बनाकर सूचना की तस्दीक की।




इससे पता चला कि बिहार निवासी निखिल कुमार सिंह हाल पता रजत प्राइम कॉम्प्लेक्स, अमलीडीह राजेंद्र नगर के मकान में करोड़ों रुपए रखे हुए हैं। इस पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और वहां से निखिल और उसकी पत्नी पूनम अग्रवाल सहित करोेड़ों रुपए और अन्य सामान पाया गया।

पूछताछ में पता चला कि बड़ी-बड़ी कंपनियों के सीएसआर की राशि को आरोपी खुद के एनजीओ को मिलने की बात लोगों को बताते थे। साथ ही झांसा देते कि वह इस तरह की फंडिंग उनके एनजीओ के लिए भी करा सकते हैं। अगर उनके पास कोई ऐसी कंपनी है जो सीएसआर में इनकम टैक्स की छूट लेना चाहती है तो उनसे संपर्क कर सकती है।

इसके लिए आरोपियों ने वीडियो भी बना रखा था। जिसे दिखाकर वह लाेगों को झांसा देते कि उनके पास करोड़ों रुपए हैं। कंपनी की ओर से वह उनके एनजीओ को जो फंडिंग कराएंगे, उसका 20 फीसदी खुद रखकर शेष राशि कैश के रूप में लौटा देंगे।

आईएएस की तैयारी करते-करते बन गया नटवरलाल

पुलिस ने बताया कि निखिल पहले दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। कई साथ की तैयारी के बाद भी वह सफल नहीं हो सका तो उसने ठगी का रास्ता अख्तियार कर लिया। निखिल ने रायपुर में पिरारी सोल्यूशन प्रायवेट लिमिटेड के नाम से आईसीआईसीआई बैंक के सीएसपी सेंटर की फ्रेंचाइजी भी ले रखी है।

पूछताछ में सामने आया है कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान ही दिल्ली में निखिल को एक दोस्त के जरिए ठगी के इस गोरखधंधे का आइडिया मिला। इसके बाद उसने बिलासपुर निवासी पूनम अग्रवाल से शादी कर ली और दोनों पति-पत्नी इस गोरखधंधे में लग गए।

आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि वे अब तक 7 से 8 कंपनियों से इस कार्य के लिए संपर्क कर चुके थे, इसकी भी तस्दीक पुलिस कर रही है। दोनों अन्य राज्यों में भी लोगों से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे। आरोपियों के विरूद्ध नकली नोट छापने व छापने का सामान उपयोग में लाने के लिए 307/18, धारा 489  में मामला दर्ज कर जेल भेजा गया है।

अभिषेक महेश्वरी, डीएसपी क्राइम ब्रांच ने बताया कि पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है, पुछताछ में जो इनपुट मिले हैं, पुलिस अब आगे उन पर जांच करेगी। जिन 7-8 कंपनियों की जानकारी मिली है, उनके भी सीएसआर मद को लेकर जांच होगी, निश्चित ही इस मामले में कुछ और भी खुलासे होंगे।


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