कांग्रेस ने जारी किए अपने 12 प्रत्याशी के नाम की घोषणा, इन सभी सीटों पर 12 नवंबर को होगा चुनाव - गोंडवाना एक्सप्रेस
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कांग्रेस ने जारी किए अपने 12 प्रत्याशी के नाम की घोषणा, इन सभी सीटों पर 12 नवंबर को होगा चुनाव

रायपुर (एजेंसी) कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 के मद्देनजर प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। पार्टी ने 12 सीटों पर अपने 12 प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इन सभी सीटों पर पुराने उम्मीदवारों को ही दुहराया गया है। कोई नया प्रत्याशी नहीं उठाया गया है। इन सभी सीटों पर 12 नवंबर को पहले चरण में चुनाव हैं। दंतेवाड़ा से महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा को टिकट दिया गया है। देवती अभी यहां से विधायक हैं। कोंटा से विधायक कवासी लखमा को भी एक बार फिर उतारा गया है।




भानुप्रतापपुर से विधायक मनोज मंडावी भी एक बार फिर मैदान में होंगे। कांकेर से विधायक शंकर धुर्वा की जगह इस बार शिशुपाल सोरी कांग्रेस उम्मीदवार होंगे। वही नारायणपुर से चन्दन कश्यप को मैदान में उतारा गया है। गौरतलब है कि वे पहले शिक्षक थे, वीआरएस लेकर कांग्रेस में आए। इस बार रिपीट किया गया है। स्थानीय नेता नाराज हैं।
2013 में भाजपा के केदार कश्यप से हारे थे।

जगदलपुर को छोड़कर बाकी ग्यारह सीटें आरक्षित

सीट उम्मीदवार  ये भी जानिए
अंतागढ़ अनूप नाग रिटायर्ड डीएसपी, एक साल से राजनीति में हैं। पत्नी कांति 10 साल से सक्रिय। पीसीसी मेंबर और महिला उपाध्यक्ष रहीं।
वर्तमान में भोजराज नाग (भाजपा) विधायक हैं। 2014 के उपचुनाव में 63616 वोट मिले थे।
भानुप्रतापपुर मनोज सिंह मंडावी लोगों के विरोध के बाद भी टिकट मिला। विधानसभा में कई रिश्तेदार हैं। टिकट कटने पर जोगी के पाले में जाने का डर था।
2013 में इन्होंने भाजपा के सतीश लटिया को हराया था।
कांकेर शिशुपाल सोरी रिटायर्ड आईएएस हैं। पार्टी सर्वे में ध्रुवा के खिलाफ माहौल होने का फायदा मिला। राजनीति में 5 साल से सक्रिय।
2013 में कांग्रेस के शंकर ध्रुवा ने भाजपा के संजय कोडोपी को हराया था।
केशकाल संतराम नेताम हवलदार थे, 8 साल पहले वीआरएस लिया। इनके खिलाफ कोई नाराजगी नहीं थी। और न कोई टक्कर देने वाला था।
2013 में इन्होंने भाजपा के सेवकराम नेताम को हराया था
कोंडागांव मोहन लाल मरकाम एलआईसी आॅफिसर थे और राजनीति में भी। नेता प्रतिपक्ष न हाेते हुए उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार मिला, इससे टिकट तय था।
2013 में इन्होंने भाजपा की लता उसेंडी को हराया था।
नारायणपुर चंदन कश्यप शिक्षक थे, वीआरएस लेकर कांग्रेस में आए। इस बार रिपीट किया गया है। स्थानीय नेता नाराज हैं।
2013 में भाजपा के केदार कश्यप से हारे थे।
बस्तर लक्ष्येश्वर बघेल क्षेत्र में रिश्तेदार अधिक हैं। प्रसिद्ध गिरोला मंदिर के पुजारी परिवार से हैं। असंतोष न होने का लाभ मिला।
2013 में भाजपा के डॉ. सुबाहू कश्यप को हराया था।
जगदलपुर रेखचंद जैन व्यापारियों में पकड़। इसलिए भाजपा का तोड़ माने जा रहे हैं। गोलीकांड मामला बाफना के खिलाफ जा सकता है।
2013 में भाजपा के संतोष बाफना ने कांग्रेस के शामू कश्यप को हराया था।
चित्रकोट दीपक कुमार बैज राहुल गांधी की पसंद माने जाते हैं, पहली बार में ही बने विधायक, अच्छे काम का परिणाम मिला।
2013 में भाजपा के बैदूराम कश्यप को हराया था।
दंतेवाड़ा देवती कर्मा बस्तर टाइगर की विधवा हैं इसलिए आदिवासियों का समर्थन मिलता है। इस बार भी जिताऊ प्रत्याशी मानी जा रही हैं।
2013 में भाजपा के भीमाराम मंडावी को हराया था।
बीजापुर विक्रम शाह मंडावी विक्रम गोंड जाति के हैं, इसका फायदा मिल सकता है। 2013 में चंदैया आैर नीना के कारण हारे। इस बार ऐसा कुछ नहीं।
2013 में भाजपा के महेश गागड़ा ने इन्हें हराया था।
कोंटा कवासी लखमा लगातार तीन बार से विधायक हैं। पार्टी में दूसरा कोई चेहरा न होने का फायदा मिला।
2013 में भाजपा के धनीराम बर्से को हराया था।

राहुल की मंजूरी का था इंतजार

केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक में शुक्रवार को ही छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए उम्मीदवारों के नामों पर सहमति बनी थी। सूची पर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की अंतिम मंजूरी का इंतजार चल रहा था जो गुरुवार को मिल गया।

12 और 20 नवंबर को होगी छत्तीसगढ़ में वोटिंग

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। पहले चरण में 12 नवंबर को मतदान होगा, जिसमें नक्सल प्रभावित 18 सीटों के लिए वोट पड़ेंगे। शेष 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को दूसरे चरण में वोट पड़ेंगे। वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी।



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