CM रमन सिंह ने किया डायल 112 का शुभारम्भ, कॉल करने के 10 मिनट के भीतर मिलेगी पुलिस एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड

रायपुर (एजेंसी) | राजधानी सहित राज्य के 8 शहरों में पुलिस की ढाई सौ मोबाइल टीम चुने हुए ऐसे स्पाॅट पर 24 घंटे मौजूद रहेगी, जो कहीं से भी कॉल आने पर एक न एक टीम अधिकतम 10 मिनट की टाइम लिमिट में वहां पहुंच जाएंगी। पुलिस की गाड़ी में फायर फाइटिंग सिस्टम के साथ प्राथमिक इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसी के साथ राज्य के 16 जिलों में बुधवार से इमरजेंसी सुविधा वाली 30 एंबुलेंस घूमकर लोगों का इलाज करेगी। घर-घर और चौपाल-चौपाल दस्तक देकर मरीजों की तलाश की जाएगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने दोनों सुविधाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर दोनों गाड़ियों को रवाना किया। हर गाड़ी में डाक्टर और तकनीशियनों की टीम रहेगी। इसी दिन से राज्य के 8 शहरों में डायल-112 में कहीं से भी कॉल करने पर 10 मिनट में पुलिस की टीम पहुंच जाएगी।






मंगलवार से रायपुर के साथ राज्य के सात जिले दुर्ग, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चापा, जगदलपुर और सरगुजा में शुरू हो गई। सिविल लाइंस कंट्रोल रूम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने हरी झंडी दिखाकर डायल-112 के इमरजेंसी रिस्पांस व्हीलर (ईआरव्ही) को रवाना किया। बाकी जिलों में मंत्री और अफसरों ने हरी झंडी दिखाई।

मुख्यमंत्री ने इस सुविधा की बहुत तारीफ की और कहा कि ये उन्होंने कहा कि अमेरिका और कई देशों में इस तरह क सुविधा है। यह पुलिसिंग की नई शुरुआत है। डायल-112 बहुत आधुनिक सुविधा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे राज्य में आगे विस्तार दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के लिए ये अकल्पनीय था। इस सेवा से दूर-दराज के गांव वालों को इमरजेंसी सुविधा उनके घरों में मिल सकेगी। उन्होंने डायल-112 के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। वहां के स्टाफ से भी बातचीत की। इस दौरान मुख्य सचिव अजय सिंह , प्रमुख सचिव गृह अमिताभ जैन, डीजीपी एएन उपाध्याय, स्पेशल डीजी डीएम अवस्थी, डीजी जेल गिरधारी नायक, एडीजी आरके विज, संजय पिल्ले, अशोक जुनेजा समेत आला अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री तय कार्यक्रम से 35 मिनट पहले आ गए थे।

ग्रामीण इलाकों खासतौर पर बस्तर क्षेत्र के लिए शुरू किए गए चलते-फिरते अस्पताल में डाक्टर, नर्स, तकनीशियन, फार्मासिस्ट के अलावा माइक्रोस्कोप, वजन नापने की मशीन, ब्लड प्रेशर की मशीन, इंक्यूबेटर, नेबुलाइजर, सक्शन अपरेटस, ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ 60 प्रकार के उपकरण व दवाइयां होंगी। नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा संचालित इस सुविधा के तहत एंबुलेंस ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर मरीजों के हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोतियाबिंद की जांच करेगी। इसके अलावा मानसिक रोग, चर्म रोग, सर्दी, खांसी, बुखार, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ की जांच के बाद रिपोर्ट ऑन द स्पॉट दी जाएगी। एंबुलेंस में ही पेशाब व खून की जांच की जाएगी।

अभी इन जिलों में मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा

बस्तर, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, सरगुजा, कोरिया, जशपुर, राजनांदगांव, सूरजपुर, बेमेतरा, गरियाबंद, मुंगेली व कोंडागांव में दो-दो एंबुलेंस रहेगी। वहीं दंतेवाड़ा व कवर्धा में एक-एक चलित इकाई की सुविधा दी गई है।



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