सीएम भूपेश की बड़ी घोषणा, छत्तीसगढ़ में पूरी तरह से आउटसोर्सिंग होगी बंद 

रायपुर (एजेंसी) | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साफ कर दिया है कि अब प्रदेश में आउट सोर्सिंग के माध्यम से किसी भी तरह की कोई नियुक्ति नहीं होगी। भाजपा की रमन सिंह की सरकार ने अमूमन सभी विभागों में प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से आउट सोर्सिंग करके दूसरे राज्यों के युवाओं को रोजगार दिलाया। लेकिन कांग्रेस की सरकार में अब आउट सोर्सिंग बिलकुल नहीं होगी। किसी भी विभाग में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुक्तियां नहीं की जाएंगी।




सीएम बघेल ने कांग्रेस भवन में मीडिया से कहा कि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से आउट सोर्सिंग का फायदा बिचौलियों ने उठाया है। बीच में बैठे हुए लोगों ने कमिशन खोरी करके करोड़ों रुपए का वारा न्यारा किया है। इसका फायदा भी बाहरी राज्य के लोगों को हुआ। रमन सिंह की सरकार में उच्च पद से लेकर निचले पद तक में आउट सोर्सिंग हुई। दूसरे राज्य से आकर संविदा में नियुक्ति पाकर कई बड़े ओहदे पर लोग बैठे। यह सब अब नहीं चलेगा। यही वजह है कि आउट सोर्सिंग को पूरी तरह से कांग्रेस की सरकार ने बंद करने का फैसला कर लिया है। संविदा नियुक्तियां भी समाप्त कर दी गई है।

पांच साल में पूरे होंगे सभी वादे

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने धान के समर्थन मूल्य 2500 रुपए, कर्जमाफी, छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री शुरु करने की घोषणा कर दी है। किसान-मजदूरों के साथ ही आम लोगों को राहत मिलना शुरु हो गया है। जन घोषणा पत्र में जो भी वादे किए गए हैं। उन पर अगले पांच साल में काम होंगे। ये सारे वादे पांच साल के भीतर पूरे कर दिए जाएंगे।

कैग रिपोर्ट पर आवश्यकतानुसार जांच 

कैग की रिपोर्ट में सामने आए करोड़ों रुपए के घपले व घोटालों की जांच से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जो भी रिपोर्ट कैग ने दी है, उसका बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर उसकी जांच कराई जाएगी।
अभी कहीं जमीन लौटाने की योजना नहीं : बस्तर में टाटा संयत्र की तरह से अन्य जिलों में भी बड़ी व निजी कंपनियों को पिछली सरकार ने जमीन दी है। मीडिया ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या वहां पर भी किसानों की जमीन वापस की जाएगी। जवाब में सीएम बघेल ने कहा कि अभी कहीं भी जमीन वापस करने की कोई योजना नहीं है।

कथित सुपर सीएम का सुपर घोटाला हुआ उजागर

चिप्स में हुए टेंडर घोटाले को लेकर कैग के खुलासे पर कांग्रेस महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि एक अफसर को चिप्स में प्रतिनियुक्ति पर लाया गया था। इस कथित सुपर सीएम की अगुवाई में चिप्स और इलेक्ट्रानिक्स- सूचना प्रौद्यगिकी विभाग ने एकीकृत ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया। एकीकृत मॉड्यूलों के कार्य नही करने प्रणाली पारदर्शी नहीं थी और इसमें नियंत्रण विफलताएं थी। यह 4601 करोड़ के 1921 निविदाओं के संदर्भ में निविदाकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों द्वारा 74 एक समान कम्प्यूटरों के उपयोग को ज्ञात कर एवं रोक नहीं सका। त्रिवेदी ने इस पर सीएम से कार्रवाई की मांग की है।



One Comment

  • Vikash Sahis

    माननीय महोदय से निवेदन है कि,, tamnar मे गरीब वर्ग के लोगों को,, सरकारी योजना का लाभ जेसे,, लोन,, बेरोजगारी भत्ता वृद्ध पेंशन जेसे योजनाओं का लाभ सही से नहीं मिल रहा है,,

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