नई सरकार ने खोली नान घोटाले की फाइल, मुख्यमंत्री बघेल ने सीएस से मँगवाई रिपाेर्ट - गोंडवाना एक्सप्रेस
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नई सरकार ने खोली नान घोटाले की फाइल, मुख्यमंत्री बघेल ने सीएस से मँगवाई रिपाेर्ट

रायपुर (एजेंसी) | फ़रवरी 2015 में आई बहुचर्चित नान घोटाले की फाइलें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर खोल दी है। उन्होंने नान घोटाले में नाम आने के बाद निलंबित आईएएस अनिल टुटेजा के अभ्यावेदन के आधार पर मुख्य सचिव को पूरे मामले के नए सिरे से परीक्षण के निर्देश दे दिए हैं। खाद्य विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है।

गुरुवार को उन्होंने मीडिया से कहा कि रिपोर्ट के आधार पर जांच करवायी जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि ईओडब्लू के पूर्व चीफ ने कहा था कि पैसा वहां भी जा रहा है, जहां वे छापा नहीं मार सकते। इसलिए जांच जरूरी है।

निलंबित आईएएस अनिल टुटेजा ने सीएम बघेल को लिखा पत्र

नान में हुए घोटाले में चालान पेश करने के बाद कुछ दिन पहले जांच एजेंसियों ने पूरक चालान भी पेश कर दिया है। फिर भी, राज्य सरकार का मानना है कि कई और तथ्य हैं जिनकी जांच नहीं हुई। इस बीच, कांग्रेस सरकार बनने  के बाद आईएएस अनिल टुटेजा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।




पत्र में टुटेजा ने कहा था कि एसीबी के अधिकारियों को दो साल पहले ही नान मामले से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए थे। ऐसे में चुनावों से ठीक पहले 5 दिसंबर को कोर्ट में चालान पेश करने से जांच करनेवालों पर राजनैतिक दबाव नजर आता है। टुटेजा ने अपने पत्र में कई अहम जानकारियां भी साझा की थी। उसी सिलसिले में सीएम बघेल ने आज ईओडब्लू के अफसरों से  मामले की जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने मुख्य सचिव को पूरे मामले की जांच के निर्देश देकर विभाग से रिपोर्ट मांगने केलिए कहा है।

बता दें कि फरवरी 2015 में  मामले के खुलासे के बाद  पिछले तीन साल से एसीबी जांच कर रही है। इस मामले में कुल 27 अभियुक्तों में से 17 गिरफ्तार किए गए थे।। इनमें नान चेयरमेन रहे डा.आलोक शुक्ला और प्रबंध निदेशक अनिल टुटेजा के खिलाफ बीते 5 दिसबंर 2018 को ईओडबल्यू ने कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। निचली कोर्ट ने दोनों की  अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

विपक्ष में रहने के दौरान कांग्रेस नान घोटाले का मुद्दा लगातार उठाती रही है। कांग्रेस अपने आरोप में यह कहती रही है कि घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह और उनके परिजनों पर भी गड़बड़ी के आरोप हैं। इतना ही नहीं 17 नवंबर को चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरिया में आरोप लगाया था कि रमन सरकार के कार्यकाल में पीडीएस में 36 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है। इस घोटाले में एक डायरी भी मिली है,जिसमें कुछ पूर्व मंत्रियों के परिजनों के भी नाम है।

जांच इसलिए शुरू करनी पड़ी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि एक आला अफसर ने उनसे कहा था कि नाम से पैसे वहां तक जाते थे, जहां जांच एजेंसी नहीं पहुंच सकती। इसीलिए मामले की बारीकी से जांच होगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनकी जांच करवाई जाएगी। गौरतलब है कि फरवरी 2015 में 36 हजार कराेड़ रुपए का नान घोटाला सामने आया था। जिससे सम्बंधित एक डायरी भी मिली थी जिसमे कई मंत्रियों के परिजनों के नाम दर्ज थे।



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