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रायपुर : हमारे अन्नदाता प्रसन्न रहे यही हमारी कोशिश : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमारे अन्नदाता प्रसन्न रहे यह हमारे सरकार की कोशिश है। प्रदेश में लोग गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर बेचकर भी पैसा कमा रहे हैं, ऐसी योजना पूरे देश और दुनिया में कहीं नहीं है। गौठान में हमारी स्व-सहायता समूह की बहनें विविध आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है।

अब राज्य सरकार ने तय किया है कि गोबर के साथ गौ-मूत्र की भी खरीदी की जाएगी, जिससे भी पैसा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात के दौरान ग्रामीणों से ऋण माफी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राशनकार्ड, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना सहित अनेक योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में भी जानकारी ली।  इस अवसर पर गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, विधायक श्री गुलाब कमरो, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू और ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद भी उपस्थित थे।

वर्मी कम्पोस्ट बेचकर महिलाओं ने दो साल में कमाए 13 लाख रूपए
बहरासी में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में जनकपुर गौठान से आई श्रीमती नीलिमा ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को बताया कि उनके समूह को विगत दो वर्षों में 13 सौ क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट बेचकर लगभग 13 लाख रूपए की आमदनी हुई, जिससे समूह की महिलाआंे ने पेवर ब्लॉक बनाने की मशीन खरीदी। समूह को 86 हजार की पेवर ब्लॉक के विक्रय से लगभग 13 लाख 76 हजार का आय प्राप्त हुआ।

इसके अलावा समूह की दीदीयों द्वारा मसाला, अचार, पापड़, बड़ी बनाकर सी-मार्ट, मध्यान्ह भोजन एवं छात्रावास में बेचा जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि गौठान से जुड़कर मुझे व्यक्तिगत रूप से 80 हजार रूपए की आमदनी हुई, जिसे मैंने अपने बच्चों की शिक्षा में खर्च किया। श्रीमती नीलिमा ने गोधन न्याय योजना के संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नीलिमा बहन ने अपने जनकपुर की कहानी बताई, जिसमें वे न केवल वर्मी कम्पोस्ट बना रही बल्कि मसाला, पापड़, पेवर ब्लॉक जैसे विभिन्न आय मूलक गतिविधियां संचालित कर रही है जिनसे उन्हें रोजगार मिला और उनके आय में भी वृद्धि हुई है। यह बताने का उद्देश्य है कि हमें सभी गांवों में इन गतिविधियों को संचालित करना होगा।  जिससे रोजगार पाने के लिए हमें गांवों से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, हमें अपने गांवों में ही रोजगार मिलेगा।

जिसके लिए शासन पूरी तरह से समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो महिलाएं एवं युवा साथी काम करना चाहते हैं, उन्हें संगठित होकर आगे आना होगा। राज्य शासन द्वारा ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण की तैयारी भी की गई है। इसके अंतर्गत सभी गौठानों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। अब लघुवनोपजों से बने और गौठानों में बनने वाले उत्पादों के विक्रय के लिए प्रत्येक जिलों में सी-मार्ट भी खोल दिए है। इससे उत्पादकों को अपने उत्पादों के अच्छे दाम मिलने लगे है।

दिव्यांग श्री धरमपाल को मिला मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बहरासी में भेंट-मुलाकात के दौरान ग्राम पतवाही के दिव्यांग श्री धरमपाल को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान किया। श्री धरमपाल ने मुख्यमंत्री को इस अमूल्य भेंट के लिए धन्यवाद दिया।