दिनांक : 05-Feb-2023 07:16 PM   रायपुर, छत्तीसगढ़ से प्रकाशन   संस्थापक : पूज्य श्री स्व. भरत दुदानी जी
Follow us : Youtube | Facebook | Twitter English English Hindi Hindi
Shadow

राज्य में पेसा कानून लागू होने से बढ़ेगा ग्राम सभा का अधिकार : मुख्यमंत्री श्री बघेल

09/08/2022 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh, India, Tribal Area News and Welfare    

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि पेसा कानून पहले से अस्तित्व में था लेकिन  इसके नियम नहीं बनने के कारण इसका लाभ आदिवासियों को नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेसा अधिनियम को लेकर नियम बन चुका है और इसके लिए आठ अगस्त को राजपत्र में प्रकाशन भी किया जा चुका है। इससे आदिवासी अपने जल-जंगल-जमीन के बारे में खुद फैसला ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री आज विज्ञान महाविद्यालय परिसर स्थित दीन दयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में राज्य भर के जनजाति समुदाय के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद वीर नारायण के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि आदिवासियों के हितों को संरक्षण देने के लिए राज्य में पेसा कानून लागू होने से ग्राम सभा का अधिकार बढ़ेगा। नए नियम से ग्राम सभा के 50 प्रतिशत सदस्य आदिवासी समुदाय से होंगे।  इस 50 प्रतिशत में से 25 प्रतिशत महिला सदस्य होंगी।
विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई, आदिवासियों को वन अधिकार के पट्टे प्रदान किए गए जिसके तहत अभी तक पांच लाख पट्टे वन अधिकार के तहत दिए जा चुके हैं। आदिवासियों के हितों का ध्यान रखने के लिए और योजनाओं का समय पर क्रियांवयन करने के लिए जन जागरण अभियान कैलेंडर का विमोचन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 65 प्रकार के लघु वनोपज खरीद रही है और इससे आदिवासियों का आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है, यही वजह है कि बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अपने गांवों के लिए बैंक खोलने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार  लगातार काम कर रही है और इसी का नतीजा है कि मलेरिया के मामलों में 65% कमी आई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक से भी लाखों लोग लाभांवित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा के मामले में भी हम आगे बढ़ रहे हैं, हमने बस्तर के 300 बंद स्कूलों को शुरू करने का काम किया है और शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए राज्य में 10  हजार नए शिक्षकों की भर्ती भी होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  आदिम संस्कृति  छत्तीसगढ़ की पहचान है और आदिवासियों का आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आदिवासियों के सारे योगदान को सहेज कर रखना चाहते हैं और इसके लिए भाषा, संस्कृति सभी कुछ सहेजने का काम किया जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।

इस अवसर पर शिक्षा एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, अनुसूचित जन जाति आयोग के अध्यक्ष श्री भानु प्रताप सिंह, अनुसूचित जन जाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री राजकुमारी दीवान, विधायक एवं संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी,  विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष श्री भारत सिंह समेत हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

Author Profile

Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।