दिनांक : 05-Dec-2022 09:20 AM   रायपुर, छत्तीसगढ़ से प्रकाशन   संस्थापक : पूज्य श्री स्व. भरत दुदानी जी
Follow us : Youtube | Facebook | Twitter English English Hindi Hindi
Shadow

छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र को प्रमुखता से स्थान देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अपने ट्वीट में कहा है कि छत्तीसगढ़ का वैभव, संपन्नता हमारे किसानों से है, उनकी खुशहाली में छत्तीसगढ़ महतारी का ही आशीर्वाद है। हमने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र को सभी शासकीय कार्यक्रमों में प्रमुखता से स्थान देने का निर्णय लिया है, जिससे कि हमें हमारी माटी के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति का स्मरण हो सके। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की पहल पर शासकीय कार्यक्रमों की शुरूआत राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार‘…… के साथ की जा रही है।

18/06/2022 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh, India    

छत्तीसगढ़ की गौरवशाली संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र को प्रमुखता से स्थान देने के निर्देश दिए हैं।

सभी शासकीय कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र को दिया जाएगा प्रमुखता से स्थान

मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अपने ट्वीट में कहा है कि छत्तीसगढ़ का वैभव, संपन्नता हमारे किसानों से है, उनकी खुशहाली में छत्तीसगढ़ महतारी का ही आशीर्वाद है। हमने छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र को सभी शासकीय कार्यक्रमों में प्रमुखता से स्थान देने का निर्णय लिया है, जिससे कि हमें हमारी माटी के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति का स्मरण हो सके। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की पहल पर शासकीय कार्यक्रमों की शुरूआत राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार‘…… के साथ की जा रही है।

Author Profile

Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।