दिनांक : 06-Dec-2022 10:18 AM   रायपुर, छत्तीसगढ़ से प्रकाशन   संस्थापक : पूज्य श्री स्व. भरत दुदानी जी
Follow us : Youtube | Facebook | Twitter English English Hindi Hindi
Shadow

बीजापुर : पेयजल प्रदाय हेतु वाटर कुलर, वाटर टैंक, पाईप लाईन एवं शेड निर्माण हेतु प्रशासकीय स्वीकृति

07/11/2022 posted by Priyanka (Media Desk) Chhattisgarh, Tribal Area News and Welfare    

बीजापुर. क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री विक्रम शाह मंडावी के द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के मार्गदर्शिका में निहित निर्देशों एवं प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विक्रम शाह मंडावी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बीजापुर -89 के अनुशंसा के अनुसार विधायक निधि मद वर्ष 2022-23 के लिए उप अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उप संभाग बीजापुर के तकनीकी प्राक्कलन के आधार पर कार्य एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीजापुर को 90 हजार रुपये की लागत से वाटर कूलर पाईप, वाटर टैंक एवं शेड निर्माण नया बस स्टेण्ड प्रतिक्षालय बीजापुर, 90 हजार की लागत से पुराना बस स्टेण्ड होटल (सनराईज के पास), कार्यालय तहसील भोपालपटनम में 90 हजार की लागत से वाटर कूलर, वाटर टैंक, पाईप लाईन एवं शेड, कार्यालय तहसील आवापल्ली में 90 हजार की लागत से वाटर कूलर, वाटर टैंक, पाईप लाईन एवं शेड निर्माण, कार्यालय तहसील भैरमगढ़ में 90 हजार की लागत से वाटर कूलर, वाटर टैंक, पाईप लाईन एवं शेड निर्माण, कार्यालय तहसील बीजापुर में 90 हजार की लागत से वाटर कूलर, वाटर टैंक, पाईप लाईन एवं शेड निर्माण, संत थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल बीजापुर में 90 हजार की लागत से वाटर कूलर, वाटर टैंक, पाईप लाईन एवं शेड निर्माण, अल्फा इंग्लिश मीडियम स्कूल बीजापुर में 90 की लागत से वाटर कूलर, वाटर टैंक, पाईप लाईन एवं शेड निर्माण एवं कार्यालय जनपद पंचायत भैरमगढ में 90 हजार की लागत से वाटर कूलर, वाटर टैंक, पाईप लाईन एवं शेड निर्माण कार्य क लिए कुल 8 लाख 10 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

Author Profile

Priyanka (Media Desk)
Priyanka (Media Desk)प्रियंका (Media Desk)
"जय जोहार" आशा करती हूँ हमारा प्रयास "गोंडवाना एक्सप्रेस" आदिवासी समाज के विकास और विश्व प्रचार-प्रसार में क्रांति लाएगा, इंटरनेट के माध्यम से अमेरिका, यूरोप आदि देशो के लोग और हमारे भारत की नवनीतम खबरे, हमारे खान-पान, लोक नृत्य-गीत, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानेगे और भारत की विभन्न जगहों के साथ साथ आदिवासी अंचलो का भी प्रवास करने अवश्य आएंगे।