Chhattisgarh Politics

गांधी पर घिरे बाबा कालीचरण की गिरफ्तारी की कहानी: छत्तीसगढ़ पुलिस ने ऐसे पकड़ा कि मध्यप्रदेश को पता ही नहीं चला

राजधानी रायपुर में आयोजित धर्मसंसद में महात्मा गांधी को अपशब्द कहने तथा गोडसे को नमन करनेवाले कालीचरण को रायपुर पुलिस ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के खजुराहो से गिरफ्तार कर लिया है। कालीचरण को वहां किराए के मकान से पकड़ा गया और फिर पुलिस वहां से सीधे लेकर देर शाम रायपुर आ गई। यहां मेडिकल टेस्ट के बाद कालीचरण को कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इससे पहले, गुरुवार को उनके खिलाफ भावनाएं भड़काने के मामले में कार्रवाई करते हुए राजद्रोह का मुकदमा भी कायम कर दिया।

कालीचरण की गिरफ्तारी के तुरंत बाद मध्यप्रदेश से राजनीतिक हलचल शुरू हुई, जब वहां भाजपा सरकार में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गिरफ्तारी के तरीके पर ऐतराज जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के गृहविभाग या फिर राज्य के सक्षम व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। इस पर सीएम भूपेश बघेल ने तीखी आपत्ति करते हुए कहा कि मिश्रा बताएं-कालीचरण की गिरफ्तारी से वे खुश हैं या दुखी? प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कालीचरण की गिरफ्तारी को नियमों के तहत करार देते हुए एमपी के गृहमंत्री की आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया है।

कालीचरण के खिलाफ पिछले तीन दिन में महाराष्ट्र के पुणे और अकोला में भी गांधीजी को अपशब्द कहने के मामले में एफआईआर दर्ज हैं। कालीचरण ने रविवार की शाम रायपुर में हुई धर्मसंसद में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। रायपुर में उसी रात कालीचरण के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन तब तक वे यहां से रवाना हो गए थे। तीन दिन से छत्तीसगढ़ पुलिस कालीचरण को सभी संभावित ठिकानों पर तलाश रही थी। आखिरकार गुरुवार को सुबह कालीचरण खजुराहो में पुलिस के घेरे में आए। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, उसके कुछ देर बाद मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गिरफ्तारी के तरीके पर आपत्ति जता दी। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य में किसी की गिरफ्तारी के पहले उस राज्य की सरकार या गृह विभाग को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।

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