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मानसून सत्र: भाजपा विधायक अजय चंद्राकर बोले- पैसा भी जा रहा, नशा भी नहीं चढ़ रहा, शराब बेचनी है तो अच्छी बेचो

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गुरुवार को शराब का मुद्दा फिर उठा। शराब से मिलने वाले राजस्व और मिलावट को लेकर सदन गरमाया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पानी मिलाकर शराब बेचने का मामला उठाया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, पैसा भी जा रहा, नशा भी नहीं चढ़ रहा, शराब बेचनी है तो अच्छी बेचो। इसके बाद आबकारी मंत्री ने जांच की बात कही है।

सरकार को शराब से 6831 करोड़ से ज्यादा की कमाई

दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक संतराम नेताम ने शराब बिक्री को लेकर सवाल पूछा। इस पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने बताया कि साल 2019 से जून 2020 तक शराब के विक्रय से 6831 करोड़ 71 लाख 79 हजार 63 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। आबकारी मंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 337 देशी और 321 विदेशी शराब दुकानें संचालित हैं।

साथ ही आबकारी मंत्री लखमा ने विदेशी मदिरा पूर्ति के लिए खरीदी की कंपनियों की जानकारी भी उपलब्ध कराई। उन्होंने बताया कि दो करोड़ 17 लाख 85 हजार 66 प्रूफ लीटर देशी मदिरा की खरीदी की गई। जबकि विदेशी मदिरा स्प्रिट की खरीदी एक करोड़ 59 लाख 10 हजार 529 प्रूफ लीटर की गई। विदेशी मदिरा माल्ट की खरीदी 84 लाख 47 हजार 89 लीटर की गई।

चंद्राकर ने आबकारी मंत्री को घेरने का किया प्रयास

सदन में भाजपा विधायक अजय वंद्राकर ने आबकारी मंत्री कवासी लखमा को अपनी बातों में फंसाने की कोशिश की। अजय चंद्राकर ने कहा कि शराब में पैसा भी जा रहा है, नशा भी नहीं चढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ की हालत खराब है। शराब बेचनी है तो अच्छी शराब बेचें। इस पर मंत्री अमरजीत भगत और रविंद्र चौबे बचाव में उतरे, लेकिन विपत्ति दर्ज कराने पर आबकारी मंत्री ने जांच का आश्वासन दिया।

6.37 लाख मजदूर लौटे, 14 करोड़ से ज्यादा हुए इन पर खर्च
विधायक धनेंद्र साहू ने कोरोना काल में मजूदरों के पलायन से लौटने की जानकारी मांगी। इस पर श्रम मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि 6.37 लाख मजदूर लौटे हैं। इनमें से 95962 श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। बताया कि श्रमिकों के आवागमन पर 14 करोड़ 8 लाख 45 हजार खर्च हुए हैं। पलायन रोकने के लिए स्किल मैपिंग के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक 1.14 लाख लोगों को काम दिलाया गया है।

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