चैम्बर अध्यक्ष जीतेन्द्र बरलोटा ने सोशल मीडिया में 'मिक्षामि दुक्कडम' लिखकर दिया इस्तीफा, वेबसाइट का बिल है इस्तीफे की वजह - गोंडवाना एक्सप्रेस
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चैम्बर अध्यक्ष जीतेन्द्र बरलोटा ने सोशल मीडिया में ‘मिक्षामि दुक्कडम’ लिखकर दिया इस्तीफा, वेबसाइट का बिल है इस्तीफे की वजह

रायपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (CCCI) के 9 महीने पहले अध्यक्ष जैन जीतेन्द्र बरलोटा ने सोशल मीडिया में ‘मिक्षामि दुक्कडम (माफ़ी चाहता हूँ। )’ लिखकर इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार को जैन पर्यपुषण के दिन उन्होंने सोशल मीडिया में सभी से क्षमा मांगते हुए इस्तीफा देने की घोषणा की। वही चैम्बर के मेंबर के अनुसार उन्होंने 5 सितम्बर को ही चैम्बर के सबसे वरिष्ठ मेंबर रमेश मोदी को अपना इस्तीफा दे दिया था, जिसे रमेश मोदी ने मंजूर नहीं किया। उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की गयी लेकिन वे नहीं माने और 10 दिन बाद सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर वायरल कर दिया।

बरलोटा ने सोशल मीडिया में लिखा, “मेरे हर फैसले पर अड़ंगा लगाया गया। पदाधिकारी आपस में ही लड़ते रहते है। मैं लड़ाई सुलझाऊ या व्यापारिक हित में काम करू। अभी तक के कार्यकाल में विवाद ही होते रहे है काम कुछ नहीं। इसीलिए इस्तीफा दे दिया। ”






अब आगे क्या होगा 

अब अध्यक्ष का इस्तीफ़ा कार्यकारिणी बैठक में रखा जायेगा। अगर मंजूर हुआ तो बरलोटा बाहर जायेंगे नहीं तो उन्हें एक बार मानने की कोशिश की जाएगी। जिससे मामला कुछ दिन के टल जायेगा। फिर नया अध्यक्ष चुना जायेगा। लेकिन एक समस्या ये भी है, अभी विधानसभा चुनाव नजदीक है। चेम्बर के नियमावली में इसका उल्लेख ही नहीं है कि अगर अध्यक्ष इस्तीफ़ा दे तो इसे स्वीकार कौन करेगा। पर इतना जरूर है कि पद रिक्त होने पर 1 माह में चुनाव करना अनिवार्य है। अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में चेम्बर का कामकाज कार्यकारी अध्यक्ष संभालेंगे।

अभी वर्तमान में चेम्बर में 16 हजार से ज्यादा सदस्य है और ऐसे में 1 महीने में चुनाव करना संभव नहीं होगा। ऐसे में संभवतया चेम्बर का चुनाव अगले साल ही हो। इस तरह महामंत्री, कोषाध्यक्ष और अन्य मंत्री पहले की तरह ही कार्य करेंगे। सभी का कार्यकाल 2020 में समाप्त होगा।

वेबसाइट का बिल है इस्तीफे की वजह 

बरलोटा के इस्तीफे की पीछे वेबसाइट के बिल को लेकर महामंत्री और कोषाध्यक्ष के बीच विवाद को बताया जा रहा है। सुनने में आया है की बरलोटा के अध्यक्ष बनने के बाद से ही चेम्बर के महामंत्री लालचंद गुलवानी और कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल से नहीं बनी। अभी ताज़ा विवाद चेम्बर के वेबसाइट के बिल को लेकर है। अभी हाल ही में वेबसाइट बनाने का काम विनय बजाज को दिया गया। वेबसाइट ऐसी बनानी थी जिसमे घर से चुनाव में वोट डाल सकते है। वेबसाइट बनाने का काम शुरू भी हो गया था।

विनय बजाज को अध्यक्ष बरलोटा का विश्वसनीय माना जाता है। हाल ही में वेबसाइट का 4.93 लाख रूपये का बिल कोषाध्यक्ष को भेजा गया। लेकिन गुलवानी और अग्रवाल ने बिल रोक दिया और कहा खर्च बहुत ज्यादा है। फिर बजाज ने दुबारा  3.50 लाख रूपये का बिल भेजा। इस बिल पर प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि कोई कंपनी एक बार में डेढ़ लाख रु. का डिस्काउंट कैसे दे सकता है।

मामले में फर्जीवाड़ा की आशंका कर बजाज और बरलोटा पर घोटाला का आरोप लगा। इसके बाद बरलोटा ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

हाल ही में पेट्रोल डीज़ल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस के छत्तीसगढ़ चेम्बर ने बंद का समर्थन दिया था। इससे चेम्बर के भाजपा से जुड़े सदस्य उनसे नाराज़ हो गए। उनके इस फैसले के बाद से ही उन पर दबाव बनाया जा रहा था। इन आरोपों से भी अध्यक्ष परेशान थे।



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CM Bhupesh Bhagel Mandi ko Maar

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