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PM नरेन्द्र मोदी ने राज्यपाल के निधन पर किया ट्वीट, कहा हमने सम्मानित सार्वजनिक व्यक्ति खो दिया…

PM नरेन्द्र मोदी ने राज्यपाल के निधन पर किया ट्वीट, कहा हमने सम्मानित सार्वजनिक व्यक्ति खो दिया…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामदास जी टंडन के निधन पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करके अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होने कहा कि, "छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन के निधन से दुखी। हमने व्यापक रूप से सम्मानित सार्वजनिक व्यक्ति खो दिया है जिसकी समाज सेवा हमेशा याद रखा जाएगा। दुख के इन क्षणों में मेरे विचार उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ हैं।" Saddened by the demise of Shri Balramji Dass Tandon, the Governor of Chhattisgarh. We have lost a widely respected public figure whose service to society will always be remembered. My thoughts are with his family and well-wishers in this hour of grief. — Narendra Modi (@narendramodi) August 14, 2018 (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); उन्होने कहा कि, "बलरामजी दास टंडन ने दशकों में पंजाब में शांति और प्रगति
राज्यपाल बलरामजीदास टंडन का निधन, दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती

राज्यपाल बलरामजीदास टंडन का निधन, दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती

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राज्यपाल बलरामजीदास टंडन का निधन… दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती….सुबह 8 बजे आया था हार्ट अटैक रायपुर ।  राज्यपाल बलरामदास टंडन का निधन हो गया, वो 91 साल के थे। आज सुबह करीब 8 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उन्हें राजभवन के अस्पताल में प्रारंभिक जांच के तुरंत बाद रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डाक्टरों ने जांच के उपरांत मृत घोषित कर दिया। राज्यपाल बलरामदास टंडन को सुबह करीब साढ़े 9 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जानकारी के मुताबिक अस्पताल में तत्काल उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया, डाक्टरों की लंबी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); राज्याल बलरामदास टंडन की तबीयत का हाल जानने मुख्यमंत्री रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित कई मंत्री
हरेली पर आज से अभियान, गांव-गांव जाकर बताएंगे-कोई महिला टोनही नहीं

हरेली पर आज से अभियान, गांव-गांव जाकर बताएंगे-कोई महिला टोनही नहीं

छत्तीसगढ़
जादू-टोने के संबंध में, टोनही प्रताड़ना के खिलाफ लोगों को जागरूक करने ग्राम सभा सरपंचों से टोनही प्रताड़ना के विरोध में शपथ दिलवाई जाएगी। दुर्ग | गांवों में महिलाएं आज भी टोनही प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं। इस युग में ऐसे भ्रम चिंताजनक है। ग्रामीणों का यही भ्रम दूर करने का बीड़ा उठाया है अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने। यह समिति शनिवार को हरेली से पूरे एक हफ्ते गांवों में जाकर ग्रामीणों को जागरूक करेगी। इस मुहिम को नाम दिया है, कोई नारी टोनही नहीं...। गांववालों से कहा जाएगा कि जादू-टोने का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत, टोनही का खौफ सिर्फ भ्रम है। बीमारियों से बचने के लिए गांव को तंत्र-मंत्र से बांधने के बजाय स्वास्थ्य सुरक्षा के नियमों का पालन करें। समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि इस मुहिम के तहत दुर्ग जिले के पाटन ब्लाॅक के ग्राम तेलीगुंडरा में ग्रामसभा होगी। (ad
नक्सलियों ने पांच ट्रकों में लगाई आग, दहशत में ग्रामीणों

नक्सलियों ने पांच ट्रकों में लगाई आग, दहशत में ग्रामीणों

छत्तीसगढ़
बचेली | 6 अगस्त को छत्तीसगढ़ के सुरक्षा बलो के द्वारा बड़े ऑपरेशन में 15 नक्सली मारे गए थे हो सकता है ये उसी की बौखलाहट का नतीजा हो। छत्तीसगढ़ में गुरुवार आधी रात नक्सलियों ने बचेली बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन कार्यालय के पास खड़े पांच ट्रकों में आग लगा दी। इससे ग्रामीणों में दहशत है। इस दौरान नक्सलियों ने एक पर्चा भी फेंका, जिसमें उन्होंने आगजनी की घटना को अंजाम देने की बात कबूली है। थाना बचेली के प्रधान आरक्षक एस.आर. गावड़े ने बताया कि यह घटना देर रात लगभग 2 बजे की है। प्रथम दृष्टता पता चलता है कि घटना स्थल पर कुछ हथियारबंद नक्सली आए और ट्रकों में आग लगा दी। इसके बाद सभी फरार हो गए। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); पर्चा बारिश के पानी से पूरी तरह गीला हो चुका है, उसे सूखा कर उसकी जांच की जाएगी। पर्चे में कुछ नक्सलियों के नाम लिखे हैं, जिनमें जैनी, चंद
#foodrecipe बनाये करौंदे की चटनी, चटपटे स्वाद के साथ सेहत भी

#foodrecipe बनाये करौंदे की चटनी, चटपटे स्वाद के साथ सेहत भी

tourism, छत्तीसगढ़
बरसात के मौसम में आप सबने करौंदे की चटनी जरुर खाई होगी। कच्चे फलों का खट्टा और पके फलों का खट्टा-मीठा स्वाद हमने बचपन में जमकर लिया है।छत्तीसगढ़ में करौंदे की झाड़ियाँ बहुतायत में पाई जाती थी मगर दूसरे फलों के पौधे का साथ यह भी छत्तीसगढ़ में विलुप्ति के कगा़र पर खड़ी है।90 के दशक में छत्तीसगढ़ी परिवारों की बाड़ियों और खलिहानों में इसकी झाड़ियाँ आवश्यक रूप से रहती थी। करौंदा एक झाड़ी नुमा पौधा है। इसे अंग्रेजी में Cranberry  इसका वैज्ञानिक नाम कैरिसा कैरेंडस (Carissa carandus) है। करौंदे के फलों का उपयोग सब्जी और अचार बनाने में किया जाता है। यह पौधा भारत में राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हिमालय के क्षेत्रों में पाया जाता है।करौंदे की झाड़ियों में फूल आना मार्च के महीने में शुरू हो जाता है और जुलाई से सितम्बर के बीच फल पक जाता है। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
विश्व आदिवासी दिवस: आज विभिन्न कार्यक्रमों के साथ जुलुस निकली जाएगी

विश्व आदिवासी दिवस: आज विभिन्न कार्यक्रमों के साथ जुलुस निकली जाएगी

छत्तीसगढ़
भिलाई | आज 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर भिलाई नगर में उलगुलान भव्य रैली का आयोजन आदिवासी मण्डल भिलाई-दुर्ग दुवारा किया जा रहा है। यह रैली सुबह 9 बजे से आंबेडकर चौक पावर हाउस ओवर ब्रिज के नीचे से प्रारंभ होगा और घड़ी चौक से होते हुवे सेक्टर 5की ओर रुख करेगा तथा सेक्टर-5 चौक होते हुवे नेहरू सांस्कृतिक कल्चर भवन सेक्टर-1 को प्रस्थान करेगा। जहाँ पर आदिवासी मण्डल भिलाई-दुर्ग द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। जिसमे सभी आदिवासी समाज के लोगो द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कला का प्रदर्शन करेंगे। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); विश्व आदिवासी दिवस क्या है ? द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पूरे विश्व में शान्ति स्थापना के साथ-साथ विश्व के देशों में पारस्परिक मैत्रीपूर्ण समन्वय बनाना, एक-दूसरे के अधिकार एवं स्वतंत्रता को सम्मान के साथ बढ़ावा देना,
72 संगठनों के 2 लाख कर्मी हड़ताल पर, सबकी मांग- रेगुलर करो

72 संगठनों के 2 लाख कर्मी हड़ताल पर, सबकी मांग- रेगुलर करो

छत्तीसगढ़
शिक्षाकर्मियों की मांगे पूरी होने के बाद अब 72 संगठनों के 2 लाख कर्मी हड़ताल पर, सबकी एक ही मांग रेगुलर करो, क्योकि चुनावी साल होने के कारण हड़ताल से सरकार पर दबाव बनेगा और मांगें मान ली जाएंगी। रायपुर |  पंचायत विभाग ने 8 साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षाकर्मियों को भी नियमित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। शिक्षाकर्मियों को उम्मीद है कि चुनाव आचार संहिता से पहले नियमितिकरण को लेकर कोई घोषणा हो सकती है। इनकी संख्या लगभग 43 हजार है। प्रदेश सरकार ने मई में ही शिक्षाकर्मियों के संविलियन की मांग मान ली थी। इसका असर ये हुआ है कि रेगुलर होने और वेतन बढ़ाने जैसी उन्हीं मांगों को लेकर 54 विभागों के 72 कर्मचारी संगठन पिछले 2 माह से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों को लगता है कि चुनावी साल होने के कारण हड़ताल से सरकार पर दबाव बनेगा और मांगें मान ली जाएंगी। इसलिए प्रदेश में 2 लाख से अधिक कर्मचारी हड़ता
जर्जर स्कूल भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर है बच्चे

जर्जर स्कूल भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर है बच्चे

छत्तीसगढ़
महासमुंद जिले के हजारों मासूम बच्चे जर्जर स्कूल भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर है। स्कूलों की हालत देखकर कभी भी हादसे का डर बना रहता है, बावजूद इसके स्कूल प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा। महासमुंद | महासमुंद जिले के हजारों मासूम बच्चे जर्जर स्कूल भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर है। स्कूलों की हालत देखकर कभी भी हादसे का डर बना रहता है, बावजूद इसके स्कूल प्रशासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा। बता दें महासमुंद की करीब 51 स्कूलों की हालत बेहद गंभीर है। ऐसे में हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है, लेकिन जिला प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। स्कूली छात्रों मे हमेशा ही भवन की छत या दीवार गिरने का डर बना रहता है। जिसके चलते छात्र सही से पढ़ाई पर भी ध्यान नहीं दे पाते हैं। बावजूद इसके शासकीय स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना पालकों के लिए मजबूरी बन गया है और जिला शिक्षा विभाग
इस सरकारी स्कूल में बस्ते के बोझ के बिना पढ़ने जाते है बच्चे, अब जिले के 60 स्कूलों को बैगलेस करने की तैयारी

इस सरकारी स्कूल में बस्ते के बोझ के बिना पढ़ने जाते है बच्चे, अब जिले के 60 स्कूलों को बैगलेस करने की तैयारी

छत्तीसगढ़
बैगलेस फॉर्मूले की सफलता को देखकर अब जिला शिक्षा अधिकारी इस साल जिले के 60 स्कूलों को बैगलेस करने की तैयारी में हैं। सूरजपुर | छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले मे बच्चों के भारी-भरकम बैग का बोझ देख यहां के एक शिक्षक ने खेल के फार्मूले से स्कूल चलाने की नई पहल शुरू की है। स्कूली बच्चों को बैग के बोझ से निजात दिलाने के लिए सूरजपुर के एक सरकारी स्कुल के शिक्षक ने अपने स्कूल को ही बैगलेस कर दिया है। जिसकी वजह से अब बच्चों को स्कूल जाने के लिए भारी बैग की जरूरत नहीं होगी, वह बिना बैग के भी स्कूल जाकर शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); वहीं शिक्षक की इस पहल को काफी सराहा जा रहा है। प्रदेश के पहले बैगलेस स्कूल की तर्ज पर ही अब शिक्षा विभाग के अधिकारी कई जिलों में स्कूलों को बैगलेस बनाने की तैयारी कर रहे हैं। रुनियाडीह में बैगलेस हुआ स्कूल
संचार क्रांति योजना की तारीफ करते हुए कंगना ने कहा, “मोबाइल मिलने से महिलाओं की स्थिति बेहतर होगी”

संचार क्रांति योजना की तारीफ करते हुए कंगना ने कहा, “मोबाइल मिलने से महिलाओं की स्थिति बेहतर होगी”

छत्तीसगढ़
रायपुर (एजेंसी) | सोमवार को मोबाइल तिहार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने संचार क्रांति योजना का शुभारंभ करते हुए गोठ मोबाइल ऐप को लांच किया। कंगना ने संचार क्रांति योजना की तारीफ करते हुए कहा कि मोबाइल मिलने से महिलाओं की स्थिति बेहतर होगी। राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में हितग्राहियों को स्मार्ट फोन का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम के लिए फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत भी पहुंची, जो कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र रही  मुख्यमंत्री ने कंगना के हाथों ही हितग्राहियों को मोबाइल फोन का वितरण कराया। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); कार्यक्रम में कंगना ने कहा कि मुझे पहली बार रायपुर आने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ऐसा प्रदेश है, जो मुझे अपने गृह प्रदेश हिमाचल की याद दिला देता है। कंगना ने संचार क