Chhattisgarh

प्लास्टिक सर्जरी के बाद युवती की मौत का मामला: स्वास्थ्य विभाग ने अपोलो प्रबंधन से मांगे दस्तावेज, पूछा-निशा की मौत कैसे हुई

बिलासपुर | स्वास्थ्य विभाग ने अपोलो प्रबंधन को नोटिस जारी कर निशा की मौत के मामले में जवाब-तलब किया है। उन्होंने निशा से जुड़े सारे दस्तावेज मांगे हैं। अभी अपोलो प्रबंधन की ओर से हैल्थ के अधिकारियों को कोई जवाब नहीं मिला है। जांच अधिकारी एसके लाल का कहना है कि जैसे ही दस्तावेज मिलेंगे जांच शुरू होगी और इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों को भेजी जाएगी।

अपोलो में छात्रा निशा सिंह की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है

पिता का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही ने उसकी जान ले ली।  टिकरापारा में रहने वाली 23 वर्षीय निशा सिंह पिता विजय सिंह का कुछ दिन पहले अपोलो में निधन हो गया है। वह 22 जून को मॉर्निंग वॉक पर निकली थी और पीछे से किसी अज्ञात वाहन चालक ने टक्कर मार दी। उसे इसी दिन के बाद से अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे। पिता के मुताबिक डॉक्टरों ने उसकी नस कट जाने और ऑपरेशन करने की बात कही। पहले ऑपरेशन में वह ठीक थी।

दूसरी बार में प्लास्टिक सर्जरी सर्जरी करवाई गई। इसके बाद से लगातार निशा का खून का बहता चला गया। और वह मौत के मुंह तक पहुंच गई। इसके बाद पिता विजय सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने न्याय की मांग की थी। जांच अधिकारी डॉ. एसके लाल ने कहा है कि हमारी सात सदस्यीय टीम जल्द ही मामले में पूछताछ शुरू करेगी। किससे कहां गलती हुई है, यह देखा जाएगा।

तखतपुर विधायक ने न्याय दिलाने दिया आश्वासन

रेलवे क्षेत्र निवासी निशा सिंह पिता विजय सिंह की अपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर में असामयिक मौत के मामले में तखतपुर विधायक रश्मि आशिष सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद नायक ने पीड़ित परिवार को हर सम्भव न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए समुचित पहल की बात कही। विधायक रश्मि सिंह ने रेलवे क्षेत्र निवासी विजय सिंह के निवास पर पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की।

कार्रवाई करने अभाविप ने सौंपा ज्ञापन

साइंस कॉलेज में अध्ययनरत छात्रा निशा सिंह दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण अपोलो में भर्ती किया गया। इलाज के दौरान अपोलो के डॉक्टरों की लापरवाही से छात्रा की जान चली गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन, आईजी सहित अन्य को ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। अभाविप ने कहा कि विदेशों से कम आय दर पर न्यूनतम जानकारी और कम अनुभव वाले डॉक्टरों को अस्पताल में नियुक्त किया जाता है। जिनके द्वारा की गई लापरवाही के कारण आए दिन जान जाती रहती है।

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