चोरी हो गया प्रधानमंत्री आवास योजना में बना मकान, थाने में की शिकायत; जाँच में सामने आई चौकाने वाली बात

बिलासपुर (एजेंसी) | प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना एक वृद्ध महिला का मकान चोरी होने का मामला सामने आया है। जब वह वृद्धा सरपंच लल्ला सोनवानी को लेकर मुख्यालय गई तो वहां उसे पता चला कि उसका मकान तो डोर लेवल तक पूरा भी हो चुका है। उसकी तलाश करने के लिए वृद्धा ने अब पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। पढ़ने में यह अजीब जरूर लग रहा है, लेकिन है सच।

खास बात यह है कि महिला को मकान बनाने के लिए दो किश्तों में 80 हजार रुपए का भुगतान भी हो गया। भुगतान सभी तकनीकी बिंदुअों को पूरा करने निर्माण स्थल की फोटोग्राफी और जियो टैगिंग देखने के बाद की गई। हालांकि मौके पर न तो कोई आवास है, न कोई निर्माण कार्य। वृद्धा अभी भी जर्जर मकान में रह रही है।

60 वर्षीया महिला को योजना में स्वीकृत हुआ था आवास

दरअसल, पेंड्रा थाना क्षेत्र के अड़भाड़ गांव निवासी 60 वर्षीया फूलझरिया बाई को वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ था। इसके बाद से उसे कोई जानकारी अपने मकान को लेकर नहीं मिल पा रही थी।  बुजुर्ग महिला का कहना है कि मेरा घर चोरी कर लिया गया है। मैं दो किश्तें दे चुकी हूं, मैं मिट्टी की झोपड़ी में रहती थी, जो ढह गई है। मैं चाहती हूं कि पुलिस इस मामले की जांच करे। महिला के मुताबिक, मकान के लिए 80 हजार रुपए की किश्त अबतक दे चुकी है। इस मामले में गांव के सरपंच के प्रतिनिधि का कहना है कि गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना-2018-19 के तहत 72 घरों का आवंटन किया गया था। 71 घर तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन एक घर गांव से गायब है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बता दें कि सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश के गरीबों को घर आवंटित किए जा रहे हैं, लेकिन अधिकारी मजाक उड़वाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।




इस पर मतदान खत्म होने के बाद वह अपने साथ सरपंच लल्ला सोनवानी को लेकर मुख्यालय पहुंच गई। वहां उसे पता चला कि उसका मकान तो डोर लेवल तक पूरा भी हो चुका है। इसके लिए उसे दो किश्त का भुगतान भी किया गया है। यह सुनकर फूलझरिया बाई हैरान रह गई। इसके बाद वह सरपंच को लेकर थाने पहुंची अौर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में कहा- डोर लेवल तक पूरे हो चुके मकान को ढूंढे

जिला मुख्यालय में में फूलझरिया को पता चला कि उसे पहले लेवल पूरा होने पर प्रथम किश्त 35 हजार राशि का भुगतान 30 अगस्त को चेक से किया गया। इसके बाद दूसरी किश्त 17 सितंबर को 45 हजार रुपए चेक से प्रदान किए गए। भुगतान सभी तकनीकी बिंदुअों को पूरा करने निर्माण स्थल की फोटोग्राफी और जियो टैगिंग देखने के बाद की गई।

महिला फूलझरिया ने इस मामले में आवास चोरी का आरोप प्रधानमंत्री आवास योजना के समन्यवक प्रकाश, कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश गुप्ता और आवास मित्र द्रोपदी केवट पर लगाया है। इनके खिलाफ उसने नामजद शिकायत दी है। हालांकि अभी तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है। जांच होने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।



Leave a Reply