अभी तक जाँच नहीं हुई, चुनाव से ठंडी पड़ी कांग्रेसियों पर हुए लाठीचार्ज की सियासत

बिलासपुर (एजेंसी) | छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 संपन्न हो चूका है, जिसका रिजल्ट 11 दिसम्बर को आएगा। इन सब के बीच उस लाठीचार्ज को भी भुला दिया, जिसे कांग्रेसियों ने कभी चुनाव में मुद्दा बनाने की बात कही थी। प्रशासन तो शुरू से ही मामले में रुचि नहीं ले रहा है। क्योंकि मुख्यमंत्री को दंडाधिकारी जांच के निर्देश दिए 72 दिन गुजर चुके हैं लेकिन अभी तक किसी का बयान तक दर्ज नहीं किया गया है। इस लाठीचार्ज में महिलाएं भी घायल हुईं। इस घटना जब पूरे प्रदेश में विरोध होने लगा तो 19 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए।

जांच अधिकारी उइके भी चुनाव की प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते रहे। हालांकि इस बीच उन्होंने एसपी, सिम्स और जिला हालांकि अध्यक्ष केशरवानी जरूर जल्द ही इस मामले में दंडाधिकारी से मिलने की बात कह रहे हैं। 37 कांग्रेसियों के बयान के साथ ही एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर और आरक्षक हर नारायण पाठक के साथ ही पुलिस के कुछ अन्य जवानों व डॉक्टर-नर्सों से पूछताछ की जा सकती है।




लाठीचार्ज का विरोध हुआ तो सीएम ने दिए थे जांच के आदेश

दो माह पहले कचरे को लेकर शुरू हुई सियासत अब ठंडी पड़ गई है। नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के घर पर कचरा फेंके जाने के मामले में 18 सितंबर को कांग्रेस भवन में पुलिस ने कांग्रेसियों को लाठियों से पीटा। लाठीचार्ज में महिलाएं भी घायल हुईं। इस घटना जब पूरे प्रदेश में विरोध होने लगा तो 19 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए। अतिरिक्त कलेक्टर बीएस उइके को जांच अधिकारी बनाकर तीन माह में सात बिंदुओं में जांच कर रिपोर्ट देने कहा गया।

जांच अधिकारी उइके ने 6 अक्टूबर तक शपथ पत्र के साथ घटना के संबंध में दावा-आपत्ति मंगाई। चार व पांच अक्टूबर को लाठीचार्ज को लेकर कुल 37 कांग्रेसियों ने दंडाधिकारी को शपथपत्र दिया है। प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर शपथपत्र देने वालों में शामिल हैं। जांच अधिकारी उइके भी चुनाव की प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते रहे। हालांकि इस बीच उन्होंने एसपी, सिम्स और जिला हालांकि अध्यक्ष केशरवानी जरूर जल्द ही इस मामले में दंडाधिकारी से मिलने की बात कह रहे हैं।

एएसपी चंद्राकर व आरक्षक पाठक पर लगाया है आरोप

दंडाधिकारी को दिए गए शपथपत्र में कांग्रेसियों ने लिखा है कि 18 सितंबर को एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर और सिविल लाइन में पदस्थ आरक्षक हर नारायण पाठक भारी पुलिस बल के साथ बलात पूर्वक कांग्रेस भवन में घुसकर बिना कारण, बिना चेतावनी दिए लाठियों से जानलेवा हमला किए। लाठियों से पीटने के पहले दंडाधिकारी आदेश भी नहीं लिया गया था। अन्य कांग्रेसियों को भी चोंटें आई। कांग्रेस भवन के सामने से आने-जाने वाले लोगों को धमकी दी और मारपीट की घटना के पश्चात मुख्यमंत्री द्वारा दंडाधिकारी जांच की घोषणा की जबकि कांग्रेस लगातार न्यायिक जांच की मांग करती रही है।




लाठीचार्ज से कैसे गरमाई थी सियासत

  • दरअसल 16 सितंबर को मंत्री अमर अग्रवाल ने कचरे से खाद बनाने वाले प्लांट के उद्घाटन पर भाषण दिया। आक्रोशित कांग्रेसियों ने 18 सितंबर को उनके बंगले पर कचरा फेंका। एएसपी नीरज चंद्राकर ने पुलिस कर्मियों के कांग्रेसियों पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाईं। प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव सहित 15 कांग्रेसी घायल हुए।

 

  • उसी रात प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने सिम्स में घायलों का हाल जाना और गिरफ्तार कांग्रेसियों से कोनी थाने में मिले। 19 सितंबर को सिविल लाइन थाने का घेराव हुआ। 20 को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बिलासपुर में हुई। एएसपी चंद्राकर को मुख्यालय अटैच किया।

 

  • 22 सितंबर को कांग्रेसी प्रधानमंत्री को काले झंडे दिखाने जाते ढेंका में गिरफ्तार हुए। 23 व 24 सितंबर को कांग्रेसी मुख्यमंत्री के कोटमी और बेलतरा सभा का विरोध करते पकड़े गए। 24 सितंबर को सीडी कांड मामले में बघेल को गिरफ्तार किया गया। राहुल गांधी के कहने पर बघेल ने जमानत ली थी।

नतीजे के बाद बचेंगे 6 दिन, कैसे होगी जांच 

11 दिसंबर को नतीजे आएंगे और उसके बाद तीन माह की अवधि पूरी होने में केवल 6 दिन बचेंगे। ऐसे में नहीं लगता है जांच पूरी हो पाएगी। 37 कांग्रेसियों के बयान के साथ ही एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर और आरक्षक हर नारायण पाठक के साथ ही पुलिस के कुछ अन्य जवानों व डॉक्टर-नर्सों से पूछताछ की जा सकती है। जांच अधिकारी को अतिरिक्त समय लेना होगा।



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