मध्यप्रदेश: शिवराज ने कहा, 'पी. चिदंबरम पर तरस आता है, उनके जैसे लोग कांग्रेस को और डुबायेंगे' - गोंडवाना एक्सप्रेस
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मध्यप्रदेश: शिवराज ने कहा, ‘पी. चिदंबरम पर तरस आता है, उनके जैसे लोग कांग्रेस को और डुबायेंगे’

भोपाल (एजेंसी) | जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (Article 370) को ख़त्म करने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan)ने पलटवार किया है। सोमवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘ये सिर्फ हिन्दू और मुसलमान के तौर पर देश को देखते हैं। मुझे पी. चिदंबरम पर तरस आता है। उनके जैसे लोग कांग्रेस को और डुबायेंगे। कांग्रेस में नई कोपल तब तक नहीं फूटेगी जब तक लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष नहीं चुना जाएगा।’

रविवार को चेन्नई में पी. चिदंबरम ने कहा था कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि वहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं। अगर वहां हिंदू बहुसंख्यक होते तो यह फैसला नहीं लिया जाता। शिवराज सिंह चाैहान पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू पर दिए गए अपने बयान पर भी कायम हैं।

मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं देश के सभी महापुरुषों का सम्मान करता हूं। लेकिन मेरे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। राष्ट्र के साथ जो अपराध करता है, वो सबसे बड़ा अपराध है। मैं तथ्यों के साथ बात करता हूं। अपराध सिर्फ किसी को मारने का नहीं होता है। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 लागू करना ये ही अपराध था।

उन्हाेंने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि नेहरू जी की गलती सुधारी गई है। जिस कारण अब मैं मोदी और अमित शाह की पूजा करता हूं। चौहान ने शनिवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में सदस्यता अभियान के तहत कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेहरू को अपराधी बताया था।

शिवराज ने पूछा- नेहरू को शेख अब्दुल्ला से इतना प्रेम क्यों था?

शिवराज सिंह ने कहा, ‘जवाहर लाल नेहरू को शेख अब्दुल्ला से इतना प्रेम क्यों था, ये आज तक पता नहीं। शेख अब्दुल्ला से विशेष प्रेम के कारण कश्मीर में धारा 370 लागू की गई। इसे लागू करना ही अपराध था। पहले दिन से जनसंघ इसका विरोध कर रहा था।’ उन्होंने कहा, ‘1962 में नेहरू ने कहा था कि उस हिस्से का क्या करेंगे? वहां तो घास का टुकड़ा भी नहीं है। आज अगर एक तिहाई कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है तो इसके लिए जिम्मेदार पंडित नेहरू है। गलती नहीं, ये अपराध था।”

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