वोटर सिर्फ 4 और वोटिंग कराने वाले 10, 3 वोटर एक ही परिवार से, चौथा वन विभाग का स्टाफ

रायपुर (एजेंसी) | पेड़ के पत्तों की झोपड़ी और पंडाल… यह किसी शादी-ब्याह का मंडप नहीं बल्कि कोरिया जिले के सुदूर सेराडांड का मतदान केंद्र है। बूथ की तस्वीर से भी रोचक है यहां की कहानी। दरअसल, इस बूथ में केवल चार मतदाता हैं। कोई मतदाता न छूटे, इसलिए यहां भी बूथ बनाया गया। खास तो यह है कि यहां मतदाताओं से दुगुने यानी करीब 10 लोगों की ड्यूटी लगाई गई है वोटिंग कराने के लिए। 4 मतदानकर्मी और 6 सुरक्षाकर्मी।

राज्य की सीमा यानी बलरामपुर के करीब यह गांव भरतपुर-सोनहत विधानसभा का हिस्सा है। यहां केवल एक ही परिवार रहता है। यह प्रदेश का सबसे कम वोटरों वाला बूथ है। शत-प्रतिशत वोटिंग के लिए चुनाव आयोग की कोशिशों का अंदाजा इस बूथ की तैयारियों को देखकर लगाया जा सकता है। दरअसल, सेराडांड में रहने वाले चार वोटरों में से तीन लोग एक ही परिवार के सदस्य हैं। देवराज चेरवा, रामप्रसाद चेरवा, सिंगारो बाई चेरवा। चौथा वोटर महिपाल राम रौतिया वन विभाग में पदस्थ है।

लकड़ियों और पेड़ के पत्तों से झोपड़ी में बनाया गया था बूथ

सेराडांड सोनहत विकासखंड की ग्राम पंचायत चंदहा से करीब 12 किमी दूर है। जंगल और पहाड़ों के बीच ऊबड़-खाबड़ रास्तों से होकर मतदान केंद्र तक आने के लिए इन मतदाताओं को काफी मुश्किलें उठानी पड़ती थीं। लिहाजा आयोग ने यहां भी बूथ बना दिया। अब परेशानी थी कि कोई सरकारी भवन नहीं है तो बूथ कहां बनाएं। इसके लिए भी तरकीब निकाली गई। लकड़ियों और पेड़ के पत्तों से झोपड़ी तैयार की गई। ऊपर पंडाल लगा दिया गया और बूथ तैयार…। यहां तक पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कोरिया से इस बूथ की दूरी करीब 110 किमी है।

जरूरी सुविधाएं भी

बेशक यह बूथ अस्थाई तौर पर बनाया गया है, लेकिन शहरी इलाकों की तरह इन यहां भी वोटरों के लिए सभी जरूरी इंतजाम जैसे पीने का पानी, अस्थायी टॉयलेट व अन्य सुविधाएं भी रखी गई हैं। यहां सुबह 7 बजे से 5 बजे के बीच वोट डाले जाएंगे। हालांकि चार वोटर चंद मिनटों में ही वोट डाल लेंगे। इसके बाद मतदान दल लौट आएगा।

ये सबसे कम वोटर वाले बूथ 

बूथ सेराडांड कांटो रेवला
मतदाता 04 11 19
पुरुष 03 06 10
महिला 01 05 09

कांटो में 11 और रेवला में 19 वोटर

कोरिया जिले के ही कांटो मतदान केंद्र में केवल 11 और रेवला में 19 मतदाता हैं। इन जगहों पर भी सेराडांड की तरह इस तरह इन तीनों मतदान केंद्रों में पूरे प्रदेश में सबसे कम वोटर हैं। इनमें से सिर्फ रेवला में सरकारी भवन है। कांटो में भी मतदान दल को बूथ बनाने के लिए इसी तरह इंतजाम करना पड़ा।

Leave a Reply