Chhattisgarh

दंतेवाड़ा: लॉकडाउन में भी नक्सलियों को रास नहीं आए गांव में हुए विकास कार्य, पेड़ गिराए और सड़क भी काट डाली, तस्कर भी जंगल से पेड़ काटकर ले जा रहे

दंतेवाड़ा | नक्सल हिंसा से प्रभावित जिले में लॉकडाउन के बीच नक्सलियों का उत्पात जारी है। क्षेत्र कुछ इलाकों में नक्सलियों ने ग्रामीण के साथ मारपीट की और सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। चिकपाल सड़क कई सालो से नक्सलियो के कब्जे में थी कैम्प खुलने के बाद सड़क बहाल हुई थी। नाले पर पुलिया बनने सहित गांव में दूसरे विकास कार्य भी शुरू हो गए थे ,गांव में ही राशन मिलने लगा था।

यह बातें नक्सलियों को रास नहीं आई। इस सड़क को नक्सलियों ने काट दिया। सड़क पर बिजली के खंभे गिरा दिए। वही, नक्सलियों ने कुछ जगहों पर पर पर्चा फेंक कर सीएए और एनआरसी का विरोध करने की जनता से अपील भी की है।  माओवादियों की मलिंगर एरिया कमेटी ने यह पर्चा लगाया है। किरंदुल थाना क्षेत्र के पेरपा चौक के पास यह बैनर लगाया गया है। नक्सलियों ने कुछ ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी भी

सरी ओर बिलासपुर में गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान और वन विभाग में लगे पेड़ों की तस्कर लगातार कटाई कर रहे हैं। वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा होने के बाद भी सैकड़ों मजदूरों से पेड़ों की कटाई कराई जा रही है। इससे पेड़ को जमीन से पोषण न मिल पाने के कारण लगभग दो महीने बाद पेड़ पूरी तरह से सूख जाता है। पेड़ के सूखने पर तस्कर उसे काटकर बाइक में लादकर मध्य प्रदेश में जाकर लकड़ी माफियाओं को बेच देते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में डेढ़ से दो महीने का वक्त लगता है। इसके साथ ही पेड़ों पर लगे कट भी उनके कटने का संदेश देते हैं। यह सब जानने के बाद भी अधिकारी पेड़ों की अवैध कटाई को नहीं रोक पा रहे हैं। इसके बाद अफसरों ने इस पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई करने की बात कही थी। इसके बाद भी इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण आज भी धड़ल्ले से पेड़ों की कटाई की जा रही है।

कोरोना वायरस की सख्ती भी बेअसर

कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शासन व प्रशासन सख्त है। इसके लिए जिले की प्रत्येक सीमा को सील कर पुलिस की तैनाती की गई है। इसके बाद भी तस्करों पर इस सख्ती का कोई असर नहीं दिख रहा है। शनिवार को सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं। इनमें स्पष्ट दिख रहा है कि कई मजदूर पेड़ों की कटाई में जुटे हुए हैं। हालांकि यह वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पेड़ों की कटाई का काम धड़ल्ले से जारी है। इस कारण यह वीडियो शनिवार को ही गांव के लोगों ने बनाया है।

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