Chhattisgarh

आत्मा योजना: महिलाएं कर रही मशरूम का उत्पादन, आजीविका के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हो रहा मशरूम उत्पादन

बलरामपुर | संयुक्त जिला कार्यालय भवन के परिसर में महिलाओं ने स्टॉल लगाकर घर में जैविक रूप से तैयार मशरूम का विक्रय किया। घरेलु महिलाओं को आजीविका प्रदान करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा आत्मा योजनान्तर्गत मशरूम उत्पादन के साथ जोड़ा जा रहा है। घरेलु महिलाओं के लिए मशरूम उत्पादन का कार्य वरदान साबित हो रहा है।

महिलाएं अपने निजी घरेलु कार्य करने के पश्चात् शेष समय में मशरूम उत्पादन का कार्य करती है, जिससे उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के तकनीकी सहायकों ने महिलाओं को मशरूम उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर आवश्यक प्रशिक्षण दिया।

संयुक्त जिला कार्यालय के परिसर में महिलाओं ने स्टॉल के माध्यम अधिकारियों-कर्मचारियों को मशरूम का विक्रय किया। महिलाएं बताती हैं कि घरेलु कार्य करने के पश्चात् हमारे पास पर्याप्त समय होता था, जिसमें हम आजीविका के लिए विभिन्न कार्य करते थे, किन्तु उसमें वांछित लाभ प्राप्त नहीं हुआ। कृषि विभाग के द्वारा जब हमें मशरूम की उत्पादन की जानकारी दी गई तब हमने प्रशिक्षण प्राप्त कर मशरूम उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया।

मशरूम विक्रय करने आयी श्रीमती दीपशिखा ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा ऑयस्टर मशरूम के उत्पादन हेतु किट प्रदान किया गया था। विभाग द्वारा हमें सर्व प्रथम 400 किट निःशुल्क प्रदान किया गया था, जिसमें लगभग 25 दिनों में मशरूम तैयार हो गया, जिसका विक्रय कर अच्छी आय प्राप्त हो रही है। मशरूम उत्पादन कर रही कुसुम, समलपति सहित अन्य महिलाओं ने भी कहा कि हम मशरूम उत्पादन कार्य आगे भी जारी रखेंगे।

कृषि विभाग के पूर्ण तकनीकी सहयोग के कारण आज हम सफलतापूर्वक मशरूम उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। उप संचालक कृषि श्री अजय कुमार अनंत ने बताया कि कृषि में नवाचार के साथ आजीविका को जोड़ना हमारा प्राथमिक उद्देश्य था। महिलाओं में क्षमता की कमी नहीं है, बल्कि उन्हें उचित सहयोग और मार्गदर्शन मिलने पर वे सभी कार्य सफलतापूर्वक करने में सक्षम हैं।

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