सीमेन्ट संयत्रों में भू-जल के दुरूपयोग की होगी जांच, चार सदस्यीय टीम गठित

बलौदाबाजार (एजेंसी) | कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने सीमेन्ट संयत्रों में भू-जल के दुरूपयोग संबंधी शिकायतों की जांच के लिए 4 सदस्यीय टीम गठित की है। ये टीम एक सप्ताह में संयंत्रों का दौरा कर भू-जल के इस्तेमाल का जायजा लेंगे और जिला प्रशासन को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर ने आज समय-सीमा की बैठक में इस आशय के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

उन्होंने पेयजल और निस्तार संबंधी परेशानी को देखते हुए छुईया जलाशय में मछलीपालन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ एस.जयवर्धन, अपर कलेक्टर जोगेन्द्र नायक सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

पेयजल समस्या का निराकरण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

कलेक्टर गोयल ने बैठक में कहा कि लोगों की पेयजल समस्या का निदान जिला प्रशासन के लिए फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस काम में आड़े आने वाली हर तरह की बाधाओं को प्राथमिकता से दूर किया जाएगा। उन्होंने कुछ सीमेन्ट संयत्रों जैसे- अम्बुजा, अल्ट्राटेक और श्री सीमेन्ट द्वारा भूमिगत जल के दुरूपयोग किए जाने संबधी शिकायतों को गंभीरता से लिया है। इसकी जांच के लिए उन्होंने उद्योग, जल संसाधन, पीएचई और मजिस्ट्रेट को मिलाकर 4 सदस्यीय संयुक्त कमेटी गठित की है।

कलेक्टर ने संयत्र प्रबंधन से कड़े शब्दों में कहा है कि वे अपने खदान में संग्रहित सतहीय जल का इस्तेमाल कारखाने में उपयोग के लिए करें। छुईहा जलाशय में मछलीपालन के संबंध में अधिकारियों ने बैठक में बताया कि पट्टे की समय-सीमा अब केवल 15 दिन बची है। इसे आगे फिर से नवीनीकरण नहीं किए जाने के निर्देश उन्हें दिए गए।

कलेक्टर ने गरमी में होने वाली पीलिया, डेंगू आदि मौसमी बीमारियेां के लिए अभी से ऐहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। श्री गोयल ने कहा कि आमतौर पर पेयजल ले जाने वाले पाईप के गंदे नाली के जल से सम्पर्क में आने पर पीलिया की संभावना होती है। नगरीय इलाकों में सघन निरीक्षण करके इस तरह की स्थिति को सुधार लिया जाए।

खासकर पिछले बरसों में जहां-जहां पर पीलिया के प्रकरण प्रकट हुए थे, उन स्थलों पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्हेांने कहा कि पीलिया के संक्रमण होने पर नगरीय निकायों के सीएमओं सीधे जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी गरमी के मौसम में गन्ने रस, जूस, फल दुकानों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्बाईड द्वारा फलों को पकाने पर प्रतिबंध है। इसलिए अधिकारी पुलिस की मदद से फल दुकानों पर दबिश देकर निरीक्षण करें।

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