जोगी कांग्रेस एवं कई भाजपा नेताओं ने बड़ी संख्या में कांग्रेस प्रवेश किया

बलौदाबाजार (एजेंसी) | जोगी कांग्रेस एवं भाजपा नेताओं के दल बदल कर कांग्रेस में शामिल होने निष्ठावान कांग्रेसियों में खलबली मच गई ।कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद वरिष्ठ नेताओं द्वारा अवसरवादी लोगों को प्रवेश देने से कसडोल एवं बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में घोर नाराजगी व्याप्त है वहीं कांग्रेस पहले से ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही हैं।

आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर नेताओं के दल बदल का सिलसिला युद्ध स्तर पर चल रहा है ।पार्टी में जरा सा भी पूछ परख कम होते दिखा क्या नहीं कि नेताओं का इस दल से उस दल में पलक झपकते ही पाला बदलने में देर नहीं करते ।इसी तरह कसडोल एवं बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के जोगी कांग्रेस एवं भाजपा के नेताओं ने बलौदाबाजार जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया के समक्ष कांग्रेस प्रवेश किए ।जिन नेताओं ने कांग्रेस में प्रवेश किया उन सभी का पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं द्वारा पुरजोर विरोध किया जा रहा था।

78 लोगों के कांग्रेस प्रवेश किए जाने की घोषणा

कार्यकर्ताओं के विरोध को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कसडोल विधानसभा क्षेत्र के रोहांसी में आयोजित चुनावी सभा में इन नेताओं के संभावित कांग्रेस प्रवेश को टाल दिया गया था लेकिन एकाएक दो दिन बाद जोगी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद एवं पार्टी से इस्तीफा देने वाले योगेश बंजारे एवं उनके समर्थकों सहित बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के जनपद अध्यक्ष बुगल बाई अजगले जनपद सभापति भोजराम अजगले सहित करीब 78 लोगों के कांग्रेस प्रवेश किए जाने की घोषणा से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हलचल मची हुई है।

कसडोल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकसभा प्रत्याशी सहित पार्टी के आला नेताओं को एक स्वर में जोगी कांग्रेस के समर्थकों के कांग्रेस प्रवेश का पुरजोर विरोध करते हुए स्पष्ट रूप से कहा था कि जिस व्यक्ति का कभी किसी पार्टी या व्यक्ति के प्रति निष्ठा नहीं रहा ऐसे लोगों के साथ काम करने में दिक्कत होगी। केवल अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए ही जो व्यक्ति राजनीति में पाला बदलते रहते हैं ऐसे व्यक्ति को पार्टी में शामिल किए जाने से पार्टी को लाभ के जगह पर नुकसान ही होगा।

बागी चुनाव लड़ने वाले भोजराम अजगले का विरोध

बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के जनपद अध्यक्ष बुगल बाई अजगले ,उनके पति भोजराम अजगले ने भी करीब 40 ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ कांग्रेस प्रवेश किया है। विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से बागी चुनाव लड़ने वाले भोजराम अजगले का भी बिलाईगढ़ क्षेत्र के कांग्रेस जनों द्वारा खुला विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मुखर विरोध के बावजूद जोगी कांग्रेस एवं भाजपा के नेताओं को कांग्रेस में शामिल करने का निर्णय वरिष्ठ नेताओं का क्या मकसद है ये तो वे ही जाने परन्तु उनके इस अप्रत्याशित फैसले से कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं में हलचल मची हुई है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की आने वाले दिनों में सम्पन्न होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए घातक हो सकता है।

गुटबाजी बढ़ने की आशंका

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के कांग्रेस छोड़कर अपना अलग से दल बना लेने के बाद जोगी समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस से अलग होकर जोगी के साथ चले गए थे।जोगी के अलग हो जाने के बाद कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी लगभग समाप्त हो गई थी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सम्पन्न विधानसभा चुनाव में दुगने उत्साह के साथ काम किया जिसके कारण प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को अभूतपूर्व सफलता मिली है।

निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कठोर परिश्रम के बदौलत ही आज प्रदेश में कांग्रेस को 15 साल के वनवास के बाद सत्ता हासिल हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रबल विरोध के बावजूद वरिष्ठ नेताओं द्वारा भाजपा एवं जोगी कांग्रेस के लोगों को कांग्रेस प्रवेश कराए जाने से पार्टी के एकजुटता पर भी विपरीत असर पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इनकी आने से कांग्रेस पहले से ज्यादा मजबूत होगीl

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